छोटे देशों पर बड़ा सवाल

नीदरलैंड्स टीम

रविवार को विश्व कप के दो मैचों के नतीजे ने एक बार फिर ये बहस छेड़ दी है कि क्या विश्व कप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में एसोसिएट राष्ट्रों को शामिल किया जाना चाहिए या नहीं.

रविवार को हुए दोनों मैच एकतरफ़ा साबित हुए थे. एक मैच में न्यूज़ीलैंड ने कीनिया को 10 विकेट से मात दी तो श्रीलंका ने कनाडा को 210 रनों से हराया था.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वर्ष 2015 में होने वाले विश्व कप में सिर्फ़ 10 टीमें ही हिस्सा लेंगी.

हालाँकि आईसीसी ने अभी तक क्वालीफ़ाई करने वाली प्रक्रिया का विवरण नहीं दिया है.

चिंता

लेकिन इस विश्व कप में हिस्सा लेने वाले एसोसिएट देशों को इस बात की चिंता है कि इस क़दम से ये प्रतियोगिता सिर्फ़ टेस्ट खेलने वाले राष्ट्रों तक ही सीमित हो सकती है.

लेकिन आईसीसी जहाँ विश्व कप में शामिल देशों की संख्या कम कर रही है, वहीं ट्वेन्टी-20 विश्व कप में मौजूदा संख्या 12 से बढ़ाकर 16 करने की योजना है.

रविवार को ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा कि क्रिकेट के विकास और प्रतियोगिता की गुणवत्ता में सुधार के बीच संतुलन क़ायम करने की आवश्यकता है.

पत्रकारों के साथ बातचीत में पोंटिंग ने कहा, "हम क्रिकेट के विकास की ज़िम्मेदारी समझते हैं. इसके लिए हमें क्रिकेट की दुनिया में छोटे देशों को भी शामिल करने की आवश्यकता है. हम चाहते हैं कि क्रिकेट प्रगति करे और दुनिया के कोने-कोने में इसका प्रसार हो. लेकिन मैं शुरू से ही इस बात को लेकर अनिश्चित रहा हूँ कि क्या विश्व कप या चैम्पियंस ट्रॉफ़ी ऐसा करने के लिए सही प्रतियोगिताएँ हैं. मुझे ये भी पता नहीं कि इन प्रतियोगिताओं में बुरी तरह पिटने के बाद ऐसे देश कितना सीख पाते होंगे."

पोंटिंग ने कहा कि अगर प्रतियोगिता में कम टीमें हो तो प्रतियोगिता बेहतर होती है और विश्व कप वैसे भी क्रिकेट की सर्वश्रेष्ठ प्रतियोगिता है.

श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धने भी पोंटिंग की बात से सहमत नज़र आते हैं. उनका कहना है कि छोटे देशों को और मौक़े दिए जाने चाहिए.

लेकिन इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस का कहना है कि इस मामले पर कोई जल्दबाज़ी नहीं होनी चाहिए. मंगलवार को इंग्लैंड की टीम का पहला मैच नीदरलैंड्स से है.

अपील

स्ट्रॉस ने कहा, "शुरू के कुछ मैचों को देखकर इतनी जल्दी कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए. मेरा विचार ये है कि इस प्रतियोगिता के ख़त्म हो जाने पर ही कोई निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए."

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Image caption कनाडा की टीम श्रीलंका के हाथों बुरी तरह हारी

वर्ष 2009 के ट्वेन्टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड को नीदरलैंड्स ने हरा दिया था और विश्व कप से पहले अभ्यास मैच में इंग्लैंड की टीम कनाडा से बहुत कम अंतर से जीत पाई.

स्ट्रॉस ने कहा कि इंग्लैंड के ग्रुप में आयरलैंड और नीदरलैंड्स की टीमें हैं और ये टीमें कोई भी उलटफेर करने में सक्षम हैं.

इस बीच नीदरलैंड्स के कोच पीटर ड्रिनेन ने एसोसिएट देशों से अपील की है कि वे इस विश्व कप में अपना दम दिखाएँ ताकि आईसीसी अपने फ़ैसले पर फिर से विचार करे.

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