दक्षिण अफ़्रीका की कड़ी परीक्षा

Image caption दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेट टीम

गुरूवार को वेस्ट इंडीज़ के साथ होने वाले पहले मैच में दक्षिण अफ़्रीका को अपनी हाल की फ़ॉर्म और अपने प्रमुख खिलाड़ी ज्याक़ कालिस की फ़िटनेस पर निर्भर रहना होगा.

ग्रुप बी के इस मैच से पहले दक्षिण अफ़्रीकी लगातार ग्यारह बार ओटिस गिब्स की इस टीम को हरा चुके हैं और भारत पर भी उन्होंने अपने मैदानों पर 3-2 से प्रभावशाली जीत दर्ज की है.

कालिस के पूरी तरह फ़िट हो जाने के बाद इसमें कोई शक नहीं कि दक्षिण अफ़्रीका एक ख़ासी तगड़ी टीम दिखाई दे रही है लेकिन ग्रेम स्मिथ की टीम को यह सिद्ध करने में अपनी पूरी ताक़त झोंक देनी चाहिए कि उन्होंने अपने पुराने ट्रैक रिकॉर्ड को भुला दिया है और वह मुश्किल हालात में भी अच्छे परिणाम देने की क्षमता रखते हैं.

दक्षिण अफ़्रीका के प्रशंसक इस बात पर हैरान हैं कि बेहतरीन क्रिकेट खेलने के बावजूद वह अभी तक एक बार भी विश्व कप नहीं जीत पाए हैं.

अपने ही देश में 2003 में दूसरे राउंड में न पहुँच पाने के कारण शॉन पोलक को अपनी कप्तानी से हाथ धोना पड़ा था.

पिछला रिकॉर्ड

उनके उत्तराधिकारी स्मिथ भी 2007 में वेस्ट इंडीज़ में कोई बड़ा करिश्मा नहीं दिखा पाए. हालाँकि वह तीसरी बार सेमी फ़ाइनल में पहुँचने में सफल ज़रूर रहे लेकिन इस बात पर आश्चर्य नहीं हुआ जब वह एक मज़बूत ऑस्ट्रेलियाई टीम से हार गए.

अपना पाँचवाँ विश्व कप खेल रहे ज्याक़ कालिस का कहना था, “हमारी टीम पर जीता मैच हार जाने का तमग़ा मीडिया ने लगाया है. लेकिन हम इससे विचलित नहीं हो रहे. हमारे 15 में से 11 खिलाड़ी अपना पहला विश्व कप खेल रहे हैं इसलिए हम इसके बारे में सोच तक नहीं रहे ."

डेल स्टेन, मोर्ने मोर्कल और लोनवाबो सोत्सोबे के रूप में उनके पास दुनिया का सबसे पैना पेस अटैक है. मगर पाकिस्तान में जन्मे लेग स्पिनर इमरान ताहिर के रूप में उनके पास अचंभित कर देने वाला हथियार भी है.

हाशिम अमला पिछले बारह महीने से हर तरह की क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं.

वेस्ट इडीज़ को अपने फ़ॉर्म में चल रहे प्रतिद्वंदियों पर पार पाने के लिए अपनी क्षमता से बेहतर प्रदर्शन करना होगा.

वेस्ट इंडीज़ के सामने चुनौती

अगर आक्रामक क्रिस गेल टीम को द्रुत शुरुआत दिलवा पाते हैं तो शिव नारायण चंदरपॉल और रामनरेश सरवन का काम काफ़ी आसान हो जाएगा.

गेल का कहना था, "सबसे महत्वपूर्ण है अच्छी शुरुआत. वह ख़िताब जीतने के प्रमुख दावेदार हैं और चाहे बैटिंग हो या बॉलिंग उनके पास स्तरीय खिलाड़ियों की कमी नहीं है. हमें अच्छा खेलना होगा और मौक़ों का फ़ायदा उठाना होगा. उनको निश्चित रूप से हराया जा सकता है."

गेल के इस आत्मविश्वास की मूल वजह है बड़े मंच पर वेस्ट इंडीज़ का दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त रिकॉर्ड.

वह 1996 के क्वार्टर फ़ाइनल और चैंपियंस ट्रॉफ़ी में भी दो बार दक्षिण अफ़्रीका को हरा चुके हैं.

यह दिन रात का मैच दिल्ली के फ़िरोज़शाह कोटला मैदान में खेला जाएगा जो 2009 में ख़राब पिच के कारण प्रतिबंधित किए जाने के बाद पहली बार किसी मैच का आयोजन कर रहा है.

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