कप्तानों के लिए अब भी पहेली पावर प्ले

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Image caption एंड्रयू स्ट्रॉस का भारत के विरुद्ध मैच में पावर प्ले लेने का फ़ैसला इंग्लैंड के विरुद्ध गया

अभी तक विश्व कप टीमों के कप्तान बैटिंग पावर प्ले की पहेली को हल नहीं कर पाए हैं.

बैटिंग पावर प्ले के दौरान पाँच ओवरों तक तीस गज़ के इलाक़े के बाहर सिर्फ़ तीन फ़ील्डरों को तैनात किया जा सकता है जिससे फ़ील्डरों को बड़े शॉट खेलने का प्रलोभन मिलता है.

लेकिन मतभेद इस बात पर हैं कि बैटिंग पावर प्ले लेने का सबसे उचित समय क्या है.

कभी-कभी ग़लत समय पर ग़लत निर्णय के कारण लेने के देने पड़ जाते हैं जैसा कि इंग्लैंड के साथ भारत के विरुद्ध मैच के दौरान हुआ और मैच टाई हुआ.

बल्लेबाज़ों के ज़रूरत से ज़्यादा जोखिम उठाने के कारण उनकी लय टूट गई. इंग्लैंड ने उस समय बैटिंग पावर प्ले लिया जब 43वें ओवर में वह दो विकेट पर 280 रन बना चुका था और जीत की तरफ़ बढ़ रहा था.

लेकिन अगले पाँच ओवरों में उसने मात्र 25 रनों पर चार विकेट खो दिए और खेल में भारत की वापसी हो गई.

इंग्लैंड के कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस का कहना है, “41वें और 42वें ओवर में हम ऐसी स्थिति में पहुँच चुके थे कि एक अच्छा पावर प्ले हमें मैच जितवा सकता था. लेकिन यह पावर प्ले दोनों तरफ़ जा सकता है और यह हमारा दुर्भाग्य रहा कि वह हमारे ख़िलाफ़ गया. आख़िर में यह अच्छा रहा कि हम मैच टाई कराने में सफल हो पाए.”

बैटिंग पावर प्ले को उस आलोचना के बाद शुरू किया किया गया था कि 50 ओवरों के मैच के मध्य ओवरों में मैच बहुत नीरस हो जाता है और इसके परिणाम का बहुत हद तक पूर्वानुमान लगाया जा सकता है.

अलग-अलग है राय

इसके पीछे सोच यह थी कि पावर प्ले से खेल आकर्षक बनेगा और बैटिंग कप्तान को यह सोचते रहना होगा कि 11वें ओवर से 46वें ओवर के बीच वह कब इसका इस्तेमाल करे.

क्या इसको पारी के अंत तक के लिए बचा कर रखा जाए? या फिर इसे तब इस्तेमाल किया जाए जब दोनों बल्लेबाज़ जमें हुए हों.

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Image caption पॉन्टिंग का कहना है कि रनों का पीछा कर रहे हों तो बैटिंग पावर प्ले मुश्किल फ़ैसला हो सकता है

भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर कहते हैं, “हालाँकि कुछ लोगों का मानना है कि बैटिंग पावर प्ले से गेंदबाज़ी करने वाली टीम फिर से खेल में वापस आ सकती है लेकिन इसका बेहतर इस्तेमाल तभी होता है जब दो जमे हुए बल्लेबाज़ क्रीज़ पर मौजूद हों. महत्वपूर्ण चीज़ यह है कि आप हर गेंद को बाउंड्री के ऊपर से मारने की कोशिश न करें और फ़ील्ड प्रतिबंधों का फ़ायदा उठाते हुए स्कोरिंग रेट को दोगुना या तिगुना करने की कोशिश करें.”

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग का कहना है कि अगर आप रनों का पीछा कर रहे हों तो यह एक मुश्किल फ़ैसला हो सकता है.

अगर आप जल्दी विकेट खो देते हैं तो पॉवर प्ले जल्दी लेना मुश्किल होता है क्योंकि इस दौरान एक या दो विकेट निकल जाना लाज़मी होता है.

न्यूज़ीलैंड के कप्तान डेनियल वेटोरी का मानना है कि इस कला में अभी तक महारत हासिल नहीं की जा सकी है.

दक्षिण अफ़्रीका के ऑल राउंडर ज्याक कालिस पॉवर प्ले के इस पूरे विवाद का कुछ इस तरह सार प्रस्तुत करते हैं, "जब मेरे हाथ में बल्ला होता है तो मैं समझता हूँ कि यह दुनिया का सबसे अच्छा नियम है और जब गेंद मेरे हाथ में होती है तो मैं यह समझता हूँ कि यह दुनिया का सबसे ख़राब नियम है."

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