मैच से पहले ज़ुबानी जंग

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शनिवार को विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच होने वाले मैच को लेकर पहले से ही चल रहा बयानबाज़ी का दौर एकाएक तेज़ हो गया है.

पिछले विश्व कप के फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को हराकर ख़िताब जीता था, तो 1996 के विश्व कप के फ़ाइनल में श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर ख़िताब जीता.

श्रीलंका के स्टार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन पहले ही कह चुके हैं कि वे पिछले विश्व कप के फ़ाइनल में मिली हार का हिसाब-किताब चुकता करना चाहेंगे और वैसे भी मुरलीधरन का ये आख़िरी विश्व कप है.

दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग का कहना है कि श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच में उनकी टीम का पलड़ा भारी है. श्रीलंका की टीम जहाँ विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के विजय अभियान को रोकने को आतुर है, वहीं ऑस्ट्रेलिया मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की फिराक में है.

श्रीलंका का कहना है कि वो ऑस्ट्रेलिया को अपने स्पिन आक्रमण से धराशायी करना चाहेगा तो पोंटिंग का कहना है कि कोलंबो का प्रेमदासा स्टेडियम स्पिनरों की मदद नहीं करेगा.

विचार

श्रीलंका की टीम ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ मैच में मुरलीधरन, अजंता मेंडिस और रंगना हेरात को मौक़ा देने पर विचार कर रही है.

श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा ने कहा, "इसकी संभावना है कि हम ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ तीन स्पिनरों के साथ उतरें. हम इस बारे में चयनकर्ताओं से भी बात करेंगे और फिर ये तय करेंगे कि सबसे अच्छा क्या होगा."

दूसरी ओर शुरुआती दो मैचों में नहीं खेल पाए लसिथ मलिंगा ने कीनिया के ख़िलाफ़ मैच में शानदार प्रदर्शन किया और हैट्रिक भी ली. ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग मान रहे हैं कि उनका ध्यान मलिंगा की गेंदबाज़ी से निपटने में लगा है.

पत्रकारों से बातचीत में पोंटिंग ने कहा, "टीम प्रबंधन की बैठक में हमारा ध्यान मलिंगा की गेंदबाज़ी पर था. और हमने मलिंगा की गेंदबाज़ी ठीक से खेलने पर विचार-विमर्श भी किया."

जहाँ तक गेंदबाज़ी का सवाल है, ऑस्ट्रेलिया के पास जेसन क्रेज़ा जैसा स्पिनर तो है लेकिन उनकी मज़बूत तेज़ गेंदबाज़ी है, जिसकी कमान ब्रेट ली, मिचेल जॉनसन और शॉन टेट के पास होगी.

श्रीलंका के कप्तान कुमार संगकारा का कहना है कि उन्हें ऑस्ट्रेलिया की मज़बूती का अंदाज़ा है और उसे हराना आसान नहीं होगा.

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