सचिन और सहवाग से ज़्यादा की उम्मीद

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Image caption धोनी को सलामी बल्लेबाज़ों सहवाग और तेंदुलकर से बड़ी साझेदारी की उम्मीद है

विश्व कप में भले ही कमज़ोर भारतीय गेंदबाज़ी की चर्चा हो रही हो मगर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सचिन तेंदुलकर और वीरेंदर सहवाग से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद लगाए हैं.

वैसे शनिवार को जब भारत और दक्षिण अफ़्रीका आमने-सामने होंगे तो ये टूर्नामेंट का एक आम मुक़ाबला नहीं बल्कि ख़िताब जीतने के लिए दो प्रबल दावेदारों की भिड़ंत होगी और ऐसे में धोनी की ये अपेक्षा शायद ग़लत भी न हो.

धोनी ने नागपुर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "अगर आपके सलामी बल्लेबाज़ ज़्यादा से ज़्यादा देर तक विकेट पर टिके रहकर बल्लेबाज़ी कर सकें तो ये हमारे लिए अच्छा होगा. सचिन और सहवाग अगर चल निकलें तो उन्हें रोकना मुश्किल होगा."

दुनिया के दो सबसे बेहतरीन बल्लेबाज़ों के सामने इस तरह की माँग रखना वैसे किसी कप्तान के लिए आसान काम नहीं होगा. मगर धोनी ने साफ़ कहा, "मैं उम्मीद कर रहा हूँ कि आने वाले मैचों में सलामी जोड़ी की साझेदारी थोड़ी लंबी होगी जिससे मध्य और निचला मध्य क्रम विस्फोटक अंदाज़ अपना सके."

उनका कहना था, "हम एक लय पर निर्भर हैं और हमें अगर अच्छी शुरुआत मिले तो बाद के बल्लेबाज़ उसका अच्छा इस्तेमाल कर सकते हैं." विश्व कप में अब तक अजेय रही भारतीय टीम के लिए अब हर मुक़ाबला कड़ी परीक्षा वाला मैच होगा.

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इस ग्रुप में सबसे ऊपर रहने वाली टीम का मैच ग्रुप ए में चौथे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा और सबसे ऊपर रहने के लिए भारत को हर मैच जीतना है.

जब धोनी से अफ़्रीकी गेंदबाज़ों और उसमें भी ख़ास तौर पर दक्षिण अफ़्रीकी गेंदबाज़ डेल स्टेन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "सिर्फ़ स्टेन ही क्यों, सभी गेंदबाज़ प्रतिभाशाली हैं और बल्लेबाज़ों को आउट कर सकते हैं इसलिए आपको सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा."

बड़ी साझीदारी का इंतज़ार

भारत क्वॉर्टर फ़ाइनल में लगभग पहुँच चुका है. तेंदुलकर और सहवाग दोनों ने इस टूर्नामेंट में शतक तो जमाए हैं मगर उनके बीच हुई साझेदारियाँ अब तक कोई बहुत बड़ी नहीं रही हैं.

दोनों ने अब तक हुए चारों मैचों में क्रमशः 69, 46, नौ और 69 रन बनाए हैं.

गेंदबाज़ी में हरभजन सिंह को विकेट लेने में आ रही परेशानियों के बारे में धोनी का कहना था कि ज़रूरी नहीं कि कोई विकेट ले, तभी ये मानना ठीक होगा कि वह अपनी भूमिका निभा रहा है. विरोधी टीम के रन के बहाव पर रोक लगाना भी एक महत्वपूर्ण काम है.

उन्होंने कहा कि भज्जी काफ़ी अनुभवी हैं लेकिन जब तक लोग अपनी भूमिका निभा रहे हैं, तब तक उन्हें कोई परेशानी नहीं है.

उधर दक्षिण अफ़्रीकी टीम ने काफ़ी प्रभावशाली ढंग से टूर्नामेंट में शुरुआत की मगर उसके बाद इंग्लैंड से एक नज़दीक़ी मुक़ाबले में मिली छह रनों की हार से उन पर काफ़ी दबाव है.

नागपुर की पिच बल्लेबाज़ों के लिए अच्छी मानी जा रही है और ऐसे में हाशिम अमला, एबी डि विलियर्स और ज्याक़ कालिस जैसे बल्लेबाज़ उसका फ़ायदा उठा सकते हैं. हालाँकि कालिस अभी तक टूर्नामेंट में कोई ख़ास अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं.

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