विश्व कप के बाद शोएब का संन्यास

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रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से चर्चित और हमेशा विवादों में रहने वाले पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर ने विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है.

कोलंबो में एक संवाददाता सम्मेलन में शोएब ने कहा कि उन्होंने बहुत सोच-विचार कर ये फ़ैसला किया है.

शोएब ने कहा, "हाँ, मैं इस विश्व कप के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लूँगा. इस विश्व कप में पाकिस्तान का आख़िरी मैच मेरा भी आख़िरी मैच होगा. मुझे उम्मीद है कि ये आख़िरी मैच दो अप्रैल को होगा."

शोएब अख़्तर का इशारा दो अप्रैल को होने वाले फ़ाइनल की ओर था और उन्हें उम्मीद है कि पाकिस्तान की टीम इस विश्व कप के फ़ाइनल में खेलेगी.

फ़ैसला

इस विश्व कप में पाकिस्तान की टीम ने शुरुआत तो ज़बरदस्त की लेकिन न्यूज़ीलैंड के हाथों 110 रनों से मिली करारी हार के बाद उन्होंने संन्यास लेने का मन बना लिया.

उस मैच में शोएब अख़्तर की भी काफ़ी धुनाई हुई थी और उन्होंने नौ ओवरों में 70 रन दिए थे. सोमवार को ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ़ मैच में उन्हें आराम दिया गया. वो मैच पाकिस्तान जीत गया था.

माना जा रहा है कि ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ ग्रुप स्टेज के आख़िरी मैच में भी वे शायद ही खेल पाएँ.

शोएब अख़्तर ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत वर्ष 1997 में की थी और उन्होंने 46 टेस्ट मैचों में 178 विकेट लिए हैं. उन्होंने अपना आख़िरी टेस्ट मैच वर्ष 2007 में भारत के ख़िलाफ़ बंगलौर में खेला था.

अभी तक शोएब 163 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं और उन्होंने 247 विकेट भी लिए हैं.

अपने करियर के शुरुआत दौर में दुनियाभर के क्रिकेट शोएब अख़्तर से ख़ौफ़ खाते थे. 2003 के विश्व कप में उन्होंने 100 मील प्रति घंटे की जादुई रफ़्तार को छू लिया था.

इस विश्व कप में उन्होंने शुरुआत अच्छी की. श्रीलंका के ख़िलाफ़ मैच में महेला जयवर्धने को क्लीन बोल्ड करके उन्होंने ख़ूब वाहवाही लूटी लेकिन न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मैच में रॉस टेलर ने उनकी लाइन-लेंग्थ बिगाड़ दी.

शोएब अख़्तर का करियर विवादों से भरा रहा है. फ़िटनेस समस्या, अनुशासनात्मक कार्रवाई और डोपिंग जैसे मामलों में उनका नाम आया और सुर्ख़ियों में रहा.

कार्रवाई

हाल ही में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मैच के बाद उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई और दो हज़ार डॉलर का जुर्माना लगाया गया. उनकी गेंदबाज़ी पर विकेटकीपर कामरान अकमल ने दो कैच छोड़ दिए थे, जिसके बाद शोएब और कामरान में बहस हो गई थी.

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Image caption शोएब का करियर विवादों वाला रहा है

वर्ष 2006 में शोएब और उनके साथी खिलाड़ी मोहम्मद आसिफ़ को डोपिंग का दोषी मानते हुए दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया था. लेकिन अपील के बाद इसे हटा लिया गया.

फ़िटनेस समस्या के कारण शोएब वर्ष 2007 के विश्व कप में हिस्सा नहीं ले पाए. जबकि वर्ष 2007 में ही वर्ल्ड ट्वेन्टी-20 से दो दिन पहले मोहम्मद आसिफ़ से मारपीट के कारण उन पर 13 वनडे मैचों की पाबंदी लगाई गई थी.

वर्ष 2008 में सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की आलोचना के कारण उन पर पाँच साल की पाबंदी लगा दी गई थी. लेकिन अपील के बाद इसे 18 महीने का कर दिया गया और उन पर 70 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया.

इसी सप्ताह पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कोच वक़ार यूनुस ने यह स्वीकार किया था कि शोएब अख़्तर का फ़ॉर्म चिंता का विषय है. लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करके वे चाहेंगे कि ये विश्व कप पाकिस्तान और उनके लिए यादगार हो.

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