धोनी हारे टॉस, ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी

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अहमदाबाद में होने वाले क्वार्टर फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.

सचिन तेंदुलकर के एक विश्व कप जीतने के सपने और विश्व कप ख़िताब की हैटट्रिक पूरी करने के ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पॉन्टिंग के सपने में से कोई एक गुरुवार को टूट जाएगा.

ये दोनों ही टीमें दूसरे क्वॉर्टर फ़ाइनल में अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में आमने-सामने होंगी और जीतने वाली टीम को मोहाली में पाकिस्तान से सेमीफ़ाइनल में खेलने का मौक़ा मिलेगा.

पूरे टूर्नामेंट में भारत की बल्लेबाज़ी के गुण गाए जाते रहे हैं मगर अंतिम दो लीग मैचों में टीम का मध्य और निचला मध्य क्रम जिस तरह लड़खड़ाया है उस पर ऑस्ट्रेलिया ने भी नज़रें लगा रखी हैं.

उन्हें भी पता है कि किस तरह उठती हुई गेंदों को खेलने में भारतीय बल्लेबाज़ों को मुश्किल आई है.

मदद

इसका ज़िक्र करते हुए पॉन्टिंग ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि हम विकेट लेने के लिए तेज़ गेंदबाज़ों पर निर्भर रहते हैं वहीं भारत इसके उलट स्पिनरों पर निर्भर करता है.”

भारत की स्पिनरों पर यही निर्भरता वैसे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को सताएगी भी क्योंकि मोटेरा में दूसरी पारी में गेंद नीची रहती है और माना जाता है कि वहाँ से स्पिनरों को मदद भी मिल सकती है.

इस स्थिति को लेकर पॉन्टिंग का कहना था, “हमें लगता है कि ज़हीर नई गेंद से शुरुआत करेंगे और भारत स्पिनरों को और बाक़ी पार्ट टाइम गेंदबाज़ों को शुरू में ही लाएगा. इसके बाद गेंद बदलने के समय और अंत में उनके तेज़ गेंदबाज़ फिर हमारे सामने होंगे.”

उन्हें लगता है कि उनकी टीम को लगभग 30 ओवरों की स्पिन गेंदबाज़ी खेलनी पड़ सकती है जबकि वो ख़ुद भारत को 30 ओवरों की तेज़ गेंदबाज़ी का सामना कराने की तैयारी में हैं. ब्रेट ली, शॉन टेट और मिचल जॉनसन पर ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का दारोमदार होगा.

चिंता

वहीं भारत ख़ुद भी बल्लेबाज़ी के यूँ धराशाई हो जाने से चिंतित है. भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इस बारे में कहते हैं, “हम तेज़ी से रन बनाना चाहते थे जिसकी वजह से हम अचानक विकेट गँवा बैठे.”

मगर धोनी ने टीम के साथी बल्लेबाज़ों को सलाह भी दी इस स्थिति से निबटने के लिए. उनका कहना था, “आपको रन गति बढ़ाने के बारे में तो सोचना चाहिए मगर एक बार अगर आप देखें कि दो-तीन विकेट गिर गए हैं तो आपको 50 ओवर पूरे बल्लेबाज़ी के बारे में सोचना चाहिए.”

धोनी के मुताबिक़ अगर 50 रन ज़्यादा नहीं बन पाते तो कम से कम 25 रन ही ज़्यादा बनाने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि अंत में वे रन बहुत काम आते हैं.

शुरू से ही भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ही इस टूर्नामेंट को जीतने के प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे. भारत को जहाँ घरेलू परिस्थितियों को फ़ायदा होने की बात कही गई है तो ऑस्ट्रेलिया तीन बार का विश्व चैंपियन है.

मनोबल

नॉक आउट दौर की शुरुआत में ही दोनों टीमों के सामने कड़ा प्रतिद्वन्द्वी है और दोनों ही इसे सकारात्मक तौर पर देख रहे हैं क्योंकि उसके बाद सेमी फ़ाइनल में उस टीम का मनोबल काफ़ी ऊँचा होगा.

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Image caption पोंटिंग की बल्लेबाज़ी चिंता का विषय है

भारत को एक बार फिर सचिन तेंदुलकर और वीरेंदर सहवाग से अच्छी शुरुआत की उम्मीद होगी मगर बुधवार शाम तक वीरू के खेलने पर संदेह बना हुआ था.

वहीं तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 99 शतक पूरे कर लिए हैं और अब हर मैच में उनसे 100वाँ शतक लगाने की उम्मीद की जा रही है.

उधर ऑस्ट्रेलियाई टीम को 1999 के बाद से विश्व कप में पहली हार का सामना अब इस विश्व कप में करना पड़ा जब उन्हें पाकिस्तान ने हराया था.

दोनों ही टीमों के बीच वनडे पिछले कुछ समय से काफ़ी रोमाँचक होते रहे हैं क्योंकि वनडे की रैंकिंग में ये कुछ समय से पहले और दूसरे नंबर की टीमें रहीं.

भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उनकी ज़मीन पर जाकर परेशान किया तो वहीं इंडियन प्रीमियर लीग के ज़रिए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी भी अब भारतीय परिस्थितियों से अछूते नहीं हैं.

इन हालात में ये मुक़ाबला दोनों ही टीमों के क्रिकेट कौशल और मानसिक स्थिरता की परीक्षा साबित हो सकता है.

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