मोहाली में महामैच: रात को बारिश के बाद धूप खिली

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Image caption मैच से पहले दोनों देशों मे क्रिकेट का ख़ुमार छाया हुआ है.

क्रिकेट विश्व कप में बुधवार को मोहाली में होने वाले भारत-पाकिस्तान सेमीफ़ाइनल पर सबकी निगाहें हैं.

इस मैच को देखने आ रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच मुलाक़ात भी होगी.

गिलानी मनमोहन सिंह के निमंत्रण पर ये मैच देखने आ रहे हैं.

एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि मनमोहन सिंह बुधवार दोपहर एक बजे मोहाली के लिए रवाना होंगे. गिलानी सीधे मोहाली पहुंचेंगे.

दोनों प्रधानमंत्री एक साथ स्टेडियम में दाख़िल होंगे और मैच शुरू होने से पहले दोनों देशों के खिलाड़ियों से मिलेंगे.

एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि दोनों प्रधानमंत्री पूरा मैच देखेंगे और एक साथ रात्रि भोज भी करेंगे.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मोहाली पहुंचेंगे. इनमें 20 पत्रकार भी शामिल हैं.

अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत का कोई एजेंडा तय नहीं है.

धूप खिली

उधर मोहाली और आस-पास के इलाक़ों में रात को हुई बारिश के बाद बुधवार के सुबह धूप खिली है.

मंगलवार रात करीब दस बजे के आसपास मोहाली, चंडीगढ़ और पंचकुला के इलाकों में तेज़ हवाओं वाली आंधी चली और करीब आधे घंटे तक तेज़ बारिश भी हुई थी.

इस आंधी और बारिश में मोहाली के पीसीए स्टेडियम के आसपास कई पेड़ गिर गए थे और थोड़ी देर के लिए बिजली की सप्लाई भी बाधित रही थी.

पिच, टॉस और टीमें

भारत और पकिस्तान के बीच होने वाले क्रिकेट मैचों के लिए हमेशा से ही एक अनोखा उत्साह रहा है. पर अगर ये विश्व कप का सेमी फ़ाइनल हो और वो भी भारत या पकिस्तान की ही धरती पर खेला जाना हो तो उत्साह स्वाभाविक है.

दोनों देशों के लाखो करोड़ों क्रिकेट फैन्स इस 'महा' मुकाबले की राह कब से देख रहे हैं. भारत और पकिस्तान दोनों के बीच विश्व कप और दूसरी प्रतोयोगिताओं में न जाने कितने ऐसे मैच हुए हैं जिनमें और किसी की नहीं बल्कि क्रिकेट की जीत हुई है. मोहाली में होने वाले सेमी फ़ाइनल मुकाबले से भी क्रिकेट प्रेमियों को यही उम्मीद है.

ज़ाहिर है इस मैच की टिकटें पहले से ही बिक चुकी हैं और दर्शक ज़्यादा हैं और मोहाली स्टेडियम में जगह कम.

दोनों देशों के शीर्ष राजनेताओं के मैच के दौरान मौजूद होने से इस सेमी फ़ाइनल मुकाबले का महत्त्व और बढ़ गया है.

स्पिन या स्विंग

मोहाली की पिच को देखने के बाद भी ऐसा ही जान पड़ता है कि क्रिकेट का एक बेहतरीन मैच होने की उम्मीद है. माना जा रहा है की पिच बल्लेबाजों को ज़्यादा मदद करेगी. पर अगर मोहाली के इतिहास को पलट कर देखें तो एक बदलाव के लिए तेज़ गेंदबाजों को स्पिनरों से ज़्यादा मदद मिलने की उम्मीद रखनी चाहिए.

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Image caption भारतीय टीम में अश्विन को शामिल किए जाने की संभावना है.

स्पिनरों को इस विकेट से कम मदद मिलने की एक वजह ये भी है की शाम होते की मैदान में गिरने वली ओस से बल्लेबाजी मुश्किल हो सकती है क्योंकि तेज़ गेंदबाजों को स्विंग में मदद मिल सकती है.

इस सबके बावजूद उम्मीद यही है कि बुधवार को जो भी कप्तान टॉस जीतेगा वो पहले बल्लेबाज़ी करने का ही फैसला लेगा. क्योंकि खेल के कुछ समय के बाद से पिच धीमी पड़ सकती है और रन बनाने उतने ही मुश्किल होते जाएँगे.

अभी तक की प्रतियोगिता में भारत ने ज़्यादातर दो ही तेज़ गेंदबाजों पर किसी मैच में उतारा है. ज़हीर खान ने गेंदबाजी की शुरुआत की है और या तो मुनाफ पटेल या फिर आशीष नेहरा ने दूसरे छोर से उनका साथ निभाया है.

ज़हीर ने तो बेहतरीन लाइन और लेंग्थ से गेंदें फेकी हैं लेकिन नेहरा और मुनाफ बहत सहज नज़र नहीं आए हैं. इसी के चलते भारतीय टीम प्रबंधन के सामने चुनौती यही रहगी की पटेल और नेहरा में से किसे खिलायें और क्या एक स्पिनर के बदले इन तीनों को मैदान में उतारा जाये.

प्रतियोगिता में भारतीय बल्लेबाज़ी ने आमतौर पर निराश नहीं किया है और लगभग हर बल्लेबाज़ ने किसी न किसी मैच में टीम को रनों का सहारा दिया है.

ज़ाहिर है इस अहम मुकाबले में भी टीम तेंदुलकर, सहवाग, गंभीर और रैना जैसे बल्लेबाजों पर निर्भर रहेगी. युवराज सिंह एक बार फिर टीम इंडिया का तुरुप का पत्ता साबित हो सकते हैं क्योंकि उन्होंने बेहतरीन बल्लेबाज़ी के साथ साथ विकेट भी लिए हैं. कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए भी ये मैच एक मौका हो सकता है जब वो अपने ग्लव्स के अलावा बल्ले से भी कुछ ख़ास करें.

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Image caption सचिन तेंदुलकर से टिप्स लेते हुए सुरेश रैना. सचिन के लिए विश्व कप शायद अंतिम हो.

कैसी होगी टीम

भारत की तरह ही पकिस्तान के सामने भी सबसे बड़ी चुनौती यही रहेगी की किन गेंदबाजों को खिलाया जाए और किन्हें आराम दिया जाए.

वेस्टइंडीज़ के खिलाफ हुए क्वार्टर फ़ाइनल में सईद अजमल ने अब्दुर रहमान की जगह ली थी और उम्मीद है की उन्हें बुधवार को भी टीम में जगह मिल ही जाएगी. असल सवाल यही है की क्या वहाब रियाज़ को शोएब अख्तर की जगह टीम में शामिल किया जायेगा.

मंगलवार को हुई प्रेस वार्ता में कप्तान शाहिद अफरीदी ने शोएब के खेलने पर उनकी फिटनेस दुरुस्त न होने की बात कह कर एक सवाल खड़ा कर दिया.

पकिस्तान के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती आखिकार उनकी बल्लेबाज़ी ही हो सकती है. अगर विश्व कप 2011 में दोनों टीमों की बल्लेबाज़ी पर एक बारीक नज़र दौडाई जाए तो भारत की बल्लेबाज़ी ज़्यादा कारगर रही है.

दूसरी तरफ पकिस्तान की ओर से कप्तान अफरीदी के नेतृत्व में गेंदबाजों ने ज़्यादा मैच जिताए हैं. पर बुधवार को मोहाली में होने वाले इस महा मुकाबले के लिए जिस भी टीम को जीतना है उसे हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवाना ही होगा.

सौ बात की एक बात जो टीम कल बिना दबाव के बैटिंग, बोलिंग और फील्डिंग करेगी, वही मुंबई में श्रीलंका के खिलाफ फ़ाइनल में उतरेगी.

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