सरहद पार से सचिन के लिए दुआएं

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Image caption सचिन के चाहने वाले वाघा बॉर्डर के उसपार भी बहुत हैं.

भारत और श्रीलंका के बीच विश्वकप का फ़ाइनल मुक़ाबला शुरु ही हुआ था कि दिल्ली ऑफ़िस से रुपा झा का फ़ोन आया और कहने लगीं कि मैच को लेकर पाकिस्तान में कैसा माहौल है?

मैंने जवाब दिया कि जिस तरह भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सेमीफ़ाइनल के दौरान लोगों में उत्साह था, उसी तरह का तो जोश नहीं है लेकिन क्रिकेट प्रेमी यह महामैच ज़रुर देख रहे हैं.

करीब एक घंटे के बाद मैं घर से निकला और पास की एक मार्केट में चला गया. कुछ क्रिकेट प्रेमी एक जनरल स्टोर के सामने टीवी रख कर मैच का आनंद ले रहे थे. जब मैंने उन से पूछा कि वे कौन-सी टीम को समर्थन कर रहे हैं तो सबने एक ही आवाज़ में कहा कि श्रीलंका.

दरअसल ये क्रिकेट प्रेमी भारतीय टीम पर बहुत नाराज़ थे क्योंकि भारत ने सेमीफ़ाइनल में पाकिस्तानी टीम को हरा दिया था.

अब वे चाहते थे कि श्रीलंका भारत को हरा कर पाकिस्तान का बदला ले सके. जब श्रीलंका का कोई खिलाड़ी अच्छे रन बनाता तो वह तालियाँ मारते और श्रीलंका के नारे लगाते.

एक दूसरी दुकान में भी सात आठ क्रिकेट प्रेमी मैच देख रहे और वह भी श्रीलंका के समर्थन में थे. जब सुरेश रैना ने श्रीलंका के बल्लेबाज़ के रन रोके तो मुझे उस समय तालियों की आवाज़ सुनाई दी.

'अल्लाह सचिन को सब कुछ दे'

मैं आगे बढ़ा और देखा कि मोबाइल फ़ोन की एक दुकान पर तीन युवक क्रिकेट देख रहे और जब मैंने उन से पूछा कि वे कौन-सी टीम का समर्थन कर रहे हैं तो उन्होंने बताया कि वे भारत के साथ हैं.

मैंने कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि वे सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और वे चाहते हैं कि इस बार भारत विश्व चैंपियन बन जाए. कराची के निवासी शाहिद ने बताया, “सचिन तेंदुलकर के पास ख़ुदा का दिया हुआ सब कुछ है, उन का बहुत सम्मान है, क्रिकेट की दुनिया में उन्होंने करीब सब कीर्तिमान स्थापित किए हैं लेकिन उनके पास विश्वकप का ख़िताब नहीं है. तो मैंने आज सवेरे वाली नमाज़ में उनके लिए दुआ मांगी है कि अल्लाह मियाँ भारत को विश्वकप जितवा दे और सचिन को सब कुछ दे.”

ये शब्द कहते हुए शाहिद काफ़ी भावुक हो गए थे. ये तो मुझे पता था कि पाकिस्तान में सचिन के प्रशंसक बहुत हैं लेकिन उन से इतना प्यार करने वाला कभी नहीं देखा था.

ख़बरें मिली थी कि भारतीय जीत के बाद कराची के कुछ इलाक़ों में फटाकों की आवाज़े सुनाई दी थी और पूछने पर पता चला कि वह भी सचिन तेंदुलकर के प्रशंसक थे जिन्होंने सचिन को ख़ुश देखते हुए पटाखे फ़ोड़े थे.

सचिन के करोड़ो प्रशंसकों की दुआओँ के कारण ही भारत विश्वकप चैंपियन बन गया है.

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