युवराज बने 'प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट'

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Image caption प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट की ट्रॉफ़ी के साथ युवराज सिंह

युवराज सिंह को क्रिकेट विश्व कप 2011 का प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट चुना गया है. युवराज सिंह ने इस विश्व कप में 86.19 की औसत से 362 रन और 15 विकेट झटके.

प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट की ट्रॉफ़ी लेने के बाद युवराज सिंह ने कहा कि शनिवार को भारतीय क्रिकेट चैंपियन्स की तरह खेली.

विश्व कप में भारत की जीत के बाद युवराज सिंह ने कहा, "यक़ीन नहीं हो रहा. पहले अंडर-19 विश्व कप, फिर टी20 विश्व कप. लेकिन ये जीत सबसे ख़ास है "

युवराज सिंह ने क्रिकेट विश्व कप में चार बार मैन ऑफ़ द मैच का ख़िताब जीता. बल्ले के अलावा युवी ने गेंद से भी ख़ूब कमाल दिखाया और टूर्नामेंट में 15 विकेट झटके.

अपनी गेंदबाज़ी के बारे में युवराज ने कहा, "हमारी टीम में कोई बाएं हाथ का स्पिनर नहीं और इसलिए मेरे जिम्मे दस ओवर फेंकना था. नरेंद्र हिरवानी ने मेरी इस काम बड़ी मदद की. और इसीलिए मुझे ये ट्रॉफ़ी मिली है."

ये पूछे जाने पर कि वो जीत का जश्न कैसे मनाएंगे युवराज सिंह ने कहा, "आज की रात गजब की होने वाली. मैं ये नहीं बता सकता कि हम क्या करने वाले हैं. लेकिन सारे भारत का शुक्रियाअदा ज़ुरूर करता हूं."

उधर चंड़ीगढ़ में युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह की ख़ुशी का कोई ठिकाना नही रहा.

योगराज सिंह ने पीटीआई को बताया कि वो अपने बेटे से मिलने के लिए बेक़रार हैं और जब वे युवराज से मिलेंगे तो उनकी ख़ुशी के आंसू रुक नहीं पाएंगे.

ये पूछे जाने पर कि युवराज से मिलने पर सबसे पहले वो क्या करेंगे, योगराज सिंह ने कहा, "मुझे लगता कि मैं उससे लिपट जाऊंगा और फिर शायद रो भी दूं. उसने हम सबको गौरवान्वित किया है."

योगराज सिंह ने ये भी कहा कि बचपन में युवराज स्केटिंग करना पसंद करते थे लेकिन उन्होंने युवराज को ज़बर्दस्ती क्रिकेट खिलाड़ी बनाया.

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