बैडमिंटन में स्कर्ट को लेकर बहस

ज्वाला गुट्टा
Image caption ज्वाला ख़ुद स्कर्ट पहनकर खेलती हैं मगर इस तरह का नियम थोपे जाने के विरुद्ध हैं

महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों के ड्रेस कोड में स्कर्ट शामिल करने को लेकर बहस तेज़ होती जा रही है.

विश्व बैडमिंटन महासंघ ने पिछले साल दिसंबर में सभी राष्ट्रीय महासंघों को सूचित किया था कि एक मई से ये ड्रेस कोड लागू होगा जिसमें महिला खिलाड़ियों के लिए स्कर्ट पहनना अनिवार्य होगा.

भारत सहित कई बैडमिंटन खेलने वाले देशों में ये एक संवेदनशील मसला हो सकता है और कुछ खिलाड़ियों ने अब इस नियम को लेकर आपत्ति जतानी भी शुरू कर दी है.

भारतीय बैडमिंटन स्टार ज्वाला गुट्टा यूँ तो स्कर्ट ही पहनकर खेलती हैं मगर वह भी ये नियम थोपे जाने के विरुद्ध हैं.

थोपने के विरुद्ध

बीबीसी से बातचीत में ज्वाला ने कहा, "व्यक्तिगत तौर पर मुझे परेशानी नहीं है क्योंकि मैं तो स्कर्ट ही पहनती हूँ. मगर मुझे नहीं लगता कि आप इस तरह का कोई नियम थोप सकते हैं."

ज्वाला के अनुसार हर खिलाड़ी की अपनी पसंद होती है और वह किन कपड़ों में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है इसका ध्यान रखा जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "कुछ खिलाड़ी ऐसे होंगे जिन्हें स्कर्ट पहनकर खेलना पसंद न आए इसलिए मुझे नहीं लगता कि ये सही क़दम है."

दरअसल विश्व बैडमिंटन महासंघ ने खेल के प्रति आकर्षण बढ़ाने के लिए एक अध्ययन कराया था जिसमें सुझाए गए क़दमों में स्कर्ट को ड्रेस कोड में शामिल करना भी एक था.

महासंघ एक मई से ये फ़ैसला लागू करने जा रहा है और इसी दौरान 26 अप्रैल से एक मई के बीच दिल्ली में इंडियन ओपन का आयोजन हो रहा है, यानी इस प्रतियोगिता के फ़ाइनल में पहुँचने वाले खिलाड़ियों को स्कर्ट में खेलना होगा.

वहीं अब तक स्कर्ट के बजाए शॉर्ट्स यानी निकर पहनकर खेलने वाली भारतीय साइना नेहवाल इसमें कोई बड़ी परेशानी नहीं देखतीं.

Image caption साइना आम तौर पर निकर पहनकर खेलती हैं

उनका कहना है, "कई खिलाड़ी स्कर्ट में खेलने का अभ्यास कर रही हैं, मैंने भी कुछ मुक़ाबले स्कर्ट में खेले हैं और मुझे व्यक्तिगत रूप से इसमें कोई परेशानी नहीं है मगर इसे नियम के रूप में नहीं रखा जाना चाहिए."

समीक्षा

टेनिस में महिलाएँ स्कर्ट पहनकर खेलती रही हैं और उसे ग्लैमरस बनाने में इसकी बड़ी भूमिका मानी जाती है.

मगर भारत में सानिया मिर्ज़ा को स्कर्ट पहनकर खेलने को लेकर कट्टरपंथियों की बयानबाज़ी का सामना करना पड़ा था.

इस बारे में विश्व बैडमिंटन महासंघ से पूछने पर उनका कहना था कि महिला खिलाड़ी अगर चाहें तो स्कर्ट के नीचे निकर पहन सकती हैं इसलिए किसी भी खिलाड़ी को बड़ी परेशानी नहीं होनी चाहिए.

विश्व महासंघ के अनुसार अभी तक किसी भी देश से उनके पास आधिकारिक रूप से शिकायत नहीं आई है मगर कुछ खिलाड़ी इस नियम से असहज महसूस ज़रूर कर रहे हैं.

महासंघ के मुताबिक़ मई में होने वाली आम सभा में इस विषय में चर्चा हो सकती है.

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