स्कर्ट का नियम फ़िलहाल आगे बढ़ा

ज्वाला गुट्टा
Image caption ज्वाला ख़ुद स्कर्ट पहनकर खेलती हैं मगर इस तरह का नियम थोपे जाने के विरुद्ध हैं

महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों के ड्रेस कोड में स्कर्ट शामिल करने पर आपत्तियों को देखते हुए ये नियम लागू करने की तारीख़ एक महीने आगे खिसका दी गई है.

विश्व बैडमिंटन महासंघ के निर्देशों के अनुसार पहले ये नियम एक मई से लागू होना था मगर अब ये एक जून से लागू होगा.

महासंघ की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि उन्हें जो भी जानकारियाँ मिल रही हैं उसे देखते हुए ये फ़ैसला किया गया है.

महासंघ ने ये नियम लागू करने के बारे में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है, "कभी-कभी खेल में एकरूपता लाने के लिए कुछ नियम बनाने पड़ते हैं. महासंघ ने बैडमिंटन खिलाड़ियों के कपड़े बनाने वालों को लगातार इस बात के लिए प्रोत्साहित किया है कि वे खेल को और आकर्षक बनाने वाले कपड़े बनाएँ."

मगर महासंघ ने ये भी कहा कि वह खिलाड़ियों की बात सुनना चाहता है, "हम हमेशा ही खिलाड़ियों की राय जानना चाहते हैं और इसीलिए ये नियम लागू करने की तारीख़ हमने एक जून तक बढ़ा दी है जिससे हम खिलाड़ियों से चर्चा कर सकें."

चर्चा का समय

चीन के चिंगदाओ में 28 मई को महासंघ की आम सभा की बैठक होनी है और उस दौरान इस पर चर्चा होगी. अब ये तारीख़ बढ़ा दिए जाने के बाद जून में सिंगापुर ओपन से ये नियम लागू होना है.

वैसे महासंघ ने खिलाड़ियों को ये छूट दी थी कि सांस्कृतिक या धार्मिक कारणों से अगर किसी खिलाड़ी को स्कर्ट पहनने में आपत्ति हो तो वो उसके नीचे शॉर्ट्स यानी निकर पहन सकती हैं.

भारत में भी इस नियम को लेकर गर्मागर्म बहस हुई थी जहाँ कुछ खिलाड़ियों ने इसे थोपे जाने का विरोध किया था.

Image caption साइना आम तौर पर निकर पहनकर खेलती हैं

भारत की बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल यूँ तो शॉर्ट्स पहनकर खेलती हैं मगर वह स्कर्ट पहनकर खेलने को भी तैयार थीं.

इसी तरह युगल खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा स्कर्ट पहनकर ही खेलती हैं मगर उन्हें भी ये नियम थोपा जाना पसंद नहीं आया था.

बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने कहा था, "व्यक्तिगत तौर पर मुझे परेशानी नहीं है क्योंकि मैं तो स्कर्ट ही पहनती हूँ. मगर मुझे नहीं लगता कि आप इस तरह का कोई नियम थोप सकते हैं."

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