आरोपों की जाँच होगी:फ़ीफ़ा

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Image caption लॉर्ड ट्रीज़मैन ने संसदीय समिति के समक्ष खुल कर आरोप लगाए

फ़ुटबॉल की अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्था फ़ीफ़ा ने कहा है कि वह अपनी कार्यकारिणी समिति के उन छह सदस्यों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी जिन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं.

ब्रिटेन के राष्ट्रीय फ़ुटबॉल संघ के पूर्व प्रमुख लॉर्ड ट्रीज़मैन ने फ़ीफ़ा के चार पदाधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. जबकि दो अन्य पदाधिकारियों पर एक ब्रितानी अख़बार ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

ब्रितानी संसद की एक समिति के समक्ष गवाही देते हुए ट्रीज़मैन ने कहा कि फ़ीफ़ा के चार पदाधिकारियों ने 2018 के वर्ल्ड कप की मेज़बानी के इंग्लैंड के दावे के समर्थन की क़ीमत माँगी.

लॉर्ड ट्रीज़मैन ने आरोप लगाया है कि निकोलस लियोज़ नामक फ़ीफ़ा पदाधिकारी ने इंग्लैंड के पक्ष में वोट करने के बदले नाइटहुड यानि सर की उपाधि की माँग की.

वहीं फ़ीफ़ा उपाध्यक्ष जैक वार्नर पर आरोप है कि उन्होंने इंग्लैंड के फ़ुटबॉल संघ से एक विद्यालय के निर्माण का ख़र्च वहन करने को कहा.

जाँच होगी

ट्रीज़मैन ने दो अन्य फ़ीफ़ा पदाधिकारियों रिकार्डो टाइक्सेरिया और वोरावी माकुडी पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं.

इससे पहले ब्रितानी संसद की खेल मामलों की समिति को एक ब्रितानी अख़बार ने अपनी जाँच की रिपोर्ट सौंपी जिसमें कहा गया है कि 2022 के वर्ल्ड कप की मेज़बानी हासिल करने के लिए क़तर ने फ़ीफ़ा के दो सदस्यों इसा हयातु और ज्याक़ अनुमा को 15-15 लाख डॉलर की रिश्व दी थी.

फ़ीफ़ा अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने ब्रितानी संसदीय समिति से कहा है कि वह सारी जानकारी फ़ीफ़ा से साझा करें, ताकि सभी मामलों की जाँच की जा सके.

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