शर्मिंदा करके जा रहे हैं शेन

शेन वॉर्न
Image caption शेन वॉर्न कई विवादों के केंद्र में रह चुके हैं.

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर, धाकड़ गेंदबाज़, फ़िरकी का जादूगर लेकिन उतनी ही विवादित शख़्सियत.

टेस्ट क्रिकेट के संन्यास लेने के बाद इंडियन प्रीमियर लीग के माध्यम से दुनिया को अपना दम दिखाने वाले शेन वॉर्न अब आईपीएल को अलविदा कह रहे हैं.

पहले आईपीएल में तमाम संभावनाओं को ख़ारिज करते हुए शेन वॉर्न ने अपनी टीम राजस्थान रॉयल्स को ख़िताब जितवाया था. सबसे कम पैसे वाली इस टीम ने सबकी वाहवाही लूटी और शेन वॉर्न की किस्मत भी चमक उठी.

लेकिन अब यही शेन वॉर्न अपनी टीम को मँझधार में छोड़कर एक विवाद और बड़े जुर्माने के साथ आईपीएल के विदा ले रहा है.

शेन वॉर्न की यही समस्या उनके पूरे करियर में उनके लिए बड़ी विपदा बनकर उभरी है. मैदान पर व्यवहार के लिए चर्चित शेन वॉर्न जब मैदान के बाहर भी अपना आपा खोते हैं, तो उन्हें समझना मुश्किल हो जाता है.

विवाद और वॉर्न

Image caption शेन वॉर्न की फिरकी के कायल हैं उनके फ़ैन.

जेंटलमैन गेम का ये निराश करने वाला रूप है, जो क्रिकेट प्रेमियों को परेशान करता है. शेन वॉर्न ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजय दीक्षित के साथ जो कुछ किया, उससे उनके प्रशंसकों को काफ़ी निराशा हुई है.

एक समय गेंदबाज़ी का सिरमौर रहा और धाकड़ बल्लेबाज़ों के छक्के छुड़ाने वाला खिलाड़ी क्यों ऐसी ग़लती कर बैठता है जिससे उनकी सारी उपलब्धियों पर पानी फिरता नज़र आता है.

ड्रग टेस्ट में नाकाम होने के बाद 2003 विश्व कप से ठीक पहले पाबंदी झेल चुके शेन वॉर्न विवादों का पिटारा साथ लेकर चलते हैं. कभी उन पर महिलाओं को अश्लील संदेश भेजने के आरोप लगते हैं तो कभी विवाहेतर संबंधों के कारण उनके अफ़साने सुर्ख़ियाँ बटोरते हैं.

सट्टेबाज़ों के साथ कथित रिश्तों के कारण भी वॉर्न को काफ़ी आलोचना झेलनी पड़ी है. मैदान पर गाली-गलौज तो वे कई बार कर चुके हैं.

शेन वॉर्न के व्यवहार को देखकर मुझे एक और क्रिकेटर की याद आती है और वो भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ही हैं. वो हैं दमदार बल्लेबाज़ एंड्रयू साइमंड्स.

साइमंडस की दुर्गति

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Image caption साइमंड्स आईपीएल में भी शायद अपने करियर का आख़िरी दौर देख रहे हैं.

एक समय ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ी की ज़रूरत बन चुके साइमंड्स आईपीएल में भी शायद अपने करियर का आख़िरी दौर देख रहे हैं.

लेकिन इन सबमें अजीब बात ये है कि साइमंड्स ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से उस समय नाता तोड़ा या यूँ कहें कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट से वे उस समय किनारे कर दिए गए, जब उनमें काफ़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बची थी.

लेकिन मैदान और मैदान के बाहर अपने अजीबोगरीब व्यवहार के कारण एक अच्छा क्रिकेटर असमय ही ऑस्ट्रेलियाई टीम से निकल गया.

आईपीएल में इस खिलाड़ी को देखना कभी-कभी सुखद लगता है तो कभी-कभी दुखद भी.

साइमंड्स की दुर्गति ये साबित करने के लिए काफ़ी है कि मैदान और मैदान के बाहर का आपका व्यवहार आपके क्रिकेटिंग करियर को कितना प्रभावित कर सकता है.

भज्जी और श्रीसंत

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Image caption हरभजन ने श्रीसंत को थप्पड़ मारकर पाबंदी तो झेली ही, चेतावनी भी झेली और फिर अपने में सुधार किया.

इन बड़े-बड़े नामों के बीच भारत के हरभजन और श्रीसंत के नाम भी जुड़े नज़र आते हैं. हरभजन ने श्रीसंत को थप्पड़ मारकर पाबंदी तो झेली ही, चेतावनी भी झेली और फिर अपने में सुधार किया.

बच गए क्योंकि स्पिन की कमान उनके हाथ थी और मैच आईपीएल का था. श्रीसंत की बात करें, तो गेंदबाज़ का आक्रामक व्यवहार एक हद तक शोभा देता है अन्यथा सीमा लांघने से नुक़सान श्रीसंत का ही हुआ है.

ये अजीब बात है लेकिन है सच कि गाहे-बगाहे मैदान पर श्रीसंत के व्यवहार की चर्चा होती रहती है. कभी धोनी उन्हें समझाते नज़र आते हैं तो कभी जयवर्धने.

इन सभी खिलाड़ियों को एक बात समझनी चाहिए कि ऐसा व्यवहार उनकी उपलब्धियों को बौना करता है. अगर इन्हें सीखना है तो सचिन जैसे खिलाड़ियों से सीखें. विनम्र व्यवहार के इस शहंशाह क्रिकेटर का इतना लंबा करियर इसकी मिसाल है.

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