अभी मैं संतुष्ट नहीं: सचिन तेंदुलकर

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सचिन तेंदुलकर का कहना है कि क्रिकेट के बिना की ज़िन्दगी के बारे में वे सोच भी नहीं सकते और शतक बनाने के बाद वे खुश तो होते हैं लेकिन संतुष्ट नहीं.

‘स्काई स्पोर्ट्स पत्रिका’ को लंदन में दिए गए एक साक्षात्कार में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि क्रिकेट में दो दशक पूरे करने के बावजूद वे अभी संन्यास लेने के बारे में नहीं सोच रहे.

क्रिकेट जगत में बल्लेबाज़ी के लगभग सभी रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद भी वे अपने करियर से संतुष्ट नहीं क्योंकि संतुष्टि से ठहराव आ जाता है.

सचिन ने कहा ,"मैं अभी भी क्रिकेट से पहले जितना प्यार करता हूँ. काम होने के साथ साथ ये मेरा जूनून भी है. बचपन में मैं अपने देश के लिए खेलने के बारे में सोचता था और आज भी वही सोचता हूँ."

अपनी फिटनेस और कड़ी मेहनत को हाल के दिनों में अपनी सफलता का श्रेय देते हुए सचिन मानते हैं कि 'क्रिकेट के बिना ज़िन्दगी के बारे में सोचना मुश्किल है'.

'अभी सीख रहा हूँ'

38 साल के सचिन तेंदुलकर ने ये भी कहा है कि अभी वे क्रिकेट सीख रहे हैं.

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Image caption सचिन अपने करियर में विश्व कप को जीतना ऐतिहासिक क्षण मानते हैं.

सचिन कहते हैं, "मैं अभी भी अपनी बल्लेबाज़ी के बारे में सोचता हूँ और उसे बेहतर करने की कोशिश करता हूँ. आप कभी भी सब कुछ नहीं सीख सकते. तैयारी करने का यही सबसा बड़ा गुर भी है."

सचिन ने बताया कि जब भारतीय टीम ने विश्व कप जीता तब वे न तो क्रीज़ पर थे और न ही मैदान पर.

उन्होंने बताया कि कि वे ड्रेसिंग रूम में अपने हाथ जोड़ कर बैठे थे और जब टीम जीती तो उन्होंने अपनी आँखे बंद कर के प्रार्थना की.

2011 की विष कप जीत के पहले सचिन इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पिछली पांच भारतीय टीमों का हिस्सा थे.

लेकिन इस जीत के बाद सचिन का मानना है कि हालांकि वे अपनी बढती उम्र को नहीं रोक सकते लेकिन मानसिक स्तर पर वे अपने आपको और मज़बूत बनाने का प्रयास करते रहते हैं.

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