दूसरा वन डे भी भारत की झोली में

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Image caption वेस्ट इंडीज़ की हार के बावजूद मैदान पर जश्न का माहौल था.

बारिश से बाधित मैच में कोहली और पटेल की ठोस बल्लेबाज़ी और अमित मिश्रा और मुनाफ़ की पैनी गेंदबाज़ी की बदौलत भारत ने वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ दूसरा एक दिवसीय मैच सात विकेट से जीत लिया है.

क्वींस पार्क ओवल के मैदान पर मिली इस जीत से भारत पांच मैचों की श्रृंखला में 2-0 से आगे हो गया है.

विराट कोहली को मैन ऑफ़ दी मैच का पुरस्कार मिला.

जीत के बाद उनका कहना था कि पिछले मैच में अपने प्रदर्शन से वो खुश नहीं थे और इस मैच में उन्होंने इसकी भरपाई की.

उनका कहना था,"पिछले एक डेढ़ साल मेरे लिए अच्छे रहे हैं और मैं अब बिना दबाव में आए अपनी बल्लेबाज़ी का आनंद उठाने लगा हूं."

क्वींस पार्क की पिच के बारे में उन्होंने कहा कि वो गेंद को ज़ोर से मारने की बजाए गेंद की गति का इस्तेमाल करते रहे और बीच बीच में एकाध चौके लगाने की कोशिश करते रहे.

कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2000 रन भी पूरे कर लिए हैं.

भारत के सामने जीत के लिए 50 ओवरों में 240 रनों का लक्ष्य था. जब स्कोर एक विकेट के नुकसान पर 100 था और 22 ओवर की गेंदबाज़ी हो चुकी थी तेज़ बारिश ने मैदान को गीला कर दिया और खेल काफ़ी देर रूका रहा.

फिर डकवर्थ लुईस नियमों के अनुसार लक्ष्य 37 ओवरों में 183 का हो गया.

विराट कोहली उस समय तक अपना अर्धशतक पूरा कर चुके थे और पार्थिव पटेल उनका अच्छा साथ दे रहे थे.

स्कोर जब 128 पर पहुंचा तो पार्थिव पटेल मार्टिन की गेंद पर लपक लिए गए.

पटेल ने 64 गेंदों में 56 रन बनाए जिसमें दो चौके और दो छक्के भी थे.

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Image caption कोहली ने 81 रनों की शानदार पारी खेली.

लेकिन कोहली और कप्तान रैना ने भारतीय पारी को दबाव में नहीं आने दिया.

कोहली ने 103 गेंदों में शानदार 81 रन बनाए जिसमें छह चौके और एक छक्का शामिल था.

कप्तान रैना 26 रन बनाकर और रोहित शर्मा सात रन बनाकर नाबाद रहे.

'स्वाभाविक खेल'

जीत के बाद रैना का कहना था, "अमित मिश्रा ने पावर प्ले के दौरान बहुत अच्छी गेंदबाज़ी की और विराट ने काफ़ी ज़िम्मेदारी भरी पारी खेली इसलिए हम जीत सके."

उन्होंने कहा कि आगे भी उनकी योजना टीम को अपना स्वाभाविक खेल खेलने देने की है और उम्मीद है कि उससे सफलता मिलती रहेगी.

वेस्ट इंडीज़ के कप्तान डैरेन सैमी का कहना था कि उनकी टीम की बल्लेबाज़ी में सुधार था लेकिन एक ठोस नींव के बावजूद उस पर बड़ी इमारत नहीं खड़ी कर सके.

उनका कहना था,"हम पहले से अच्छा खेले लेकिन ऐन वक्त पर विकेटों के गिरने से शायद हमने 20 रन कम बनाए."

वेस्ट इंडीज़ की पारी अच्छी शुरूआत के बावजूद 240 रनों पर ही सिमट गई.

एक समय वेस्ट इंडीज़ का स्कोर 37 ओवरों में दो विकेट के नुकसान पर 175 रन था और लग रहा था कि बाकी बचे हुए बल्लेबाज़ लक्ष्य को 260 या 270 तक ले जा सकेंगे.

मिश्रा, मुनाफ़ का मैजिक

लेकिन उसके बाद भारतीय गेंदबाज़ों ख़ासकर अमित मिश्रा ने कहर बरपाया और वेस्ट इंडीज़ का मध्य क्रम ताश के महल की तरह धराशायी हो गया.

अमित मिश्रा ने मात्र 31 रन देकर चार विकेट लिए, वहीं दूसरे सफल गेंदबाज़ मुनाफ़ पटेल ने 35 रन देकर तीन विकेट चटकाए.

यूसुफ़ पठान की झोली में भी दो विकेट गिरे.

देखा जाए तो वेस्ट इंडीज़ की पारी में कुल 16 चौके लगे, और छह छक्के लगे लेकिन डॉट बॉल्स की संख्या बहुत ज़्यादा रही और वो भारत के सामने बहुत बड़ा लक्ष्य नहीं रख पाए.

सिमंस ने 53 और रामनरेश सरवन ने 56 रनों की पारी खेली लेकिन जब रनों की गति तेज़ करने की कोशिश की उन्होंने तो पारी बिखर गई.