क्विटोवा ने जीता विंबलडन ख़िताब

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चेक गणराज्य की 21 वर्षीय पेत्रा क्विटोवा ने पूर्व चैम्पियन मारिया शारापोवा को सीधे सेटों में हराकर विंबलडन टेनिस प्रतियोगिता में महिलाओं का एकल ख़िताब जीत लिया है.

फ़ाइनल मुक़ाबले में प्रबल दावेदार मानी जा रही शारापोवा को 3-6 और 4-6 से हराकर क्विटोवा विंबलडन जीतने वाली तीसरी चेक महिला बन गई हैं.

इससे पहले चेक मूल की मार्टिना नवराटिलोवा और याना नवोत्ना ने विंबलडन में महिलाओं के एकल ख़िताब जीते हैं.

सेंटर कोर्ट पर खेले गए इस फ़ाइनल मुक़ाबले को देखने के लिए दोनों ही पूर्व चैम्पियन दर्शक दीर्घा में मौजूद थीं.

पहली बार किसी भी ग्रैंड स्लैम प्रतियोगिता के फ़ाइनल में पहुँचने वाली पेत्रा क्विटोवा ने दुसरे सेट के 10वें गेम में मैच की अपनी पहली ऐस लगाते हुए ख़िताब पर अपना कब्ज़ा जमाया.

जीत के साथ ही क्विटोवा अपने दोनों हाथ थाम कर घुटनों के बल कोर्ट पर बैठ गयीं.

शारापोवा की हार

रूस की पूर्व विंबलडन विजेता और पांचवी वरीयता प्राप्त मारिया शारापोवा के लिए फ़ाइनल मुक़ाबला बेहद निराशाजनक रहा.

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Image caption मारिया शारापोवा को मैच में उनकी सर्विस ने निराश किया.

2004 में विंबलडन जीतने वाली शारापोवा को मैच के पहले तक प्रबल दावेदार माना जा रहा था.

लेकिन शनिवार को हुए इस मैच में शारापोवा को उनकी ख़ुद की सर्विस ने ख़ासा निराश किया.

क्विटोवा ने मैच में कई बार शारापोवा की सर्विस ब्रेक की और उन्हें तीसरे और निर्णायक सेट में जाने नहीं दिया.

हालांकि मैच के शुरूआती भाग में क्विटोवा की भी सर्विस ब्रेक हुई थी लेकिन उन्होंने जल्द ही मैच में वापसी कर ली और अपने तेज़ फ़ोरहैंड के चलते शारापोवा को लय में नहीं आने दिया.

दोनों सेटों में शारापोवा के पास भी कई ब्रेक पॉइंट आए लेकिन आख़िरकार पेट्रा ने अपनी सर्विस बरकरार रखी.

साल 2010 में विंबलडन टेनिस प्रतियोगिता में महिलाओं का एकल ख़िताब अमरीका की सरीना विलियम्स ने जीता था.

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