फ़िक्सिंग के ख़िलाफ़ लाइ डिटेक्टर?

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ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने मैच फ़िक्सिंग की समस्या के हल के लिए झूठ पकड़ने वाली मशीन (लाइ डिटेक्टर) से जाँच की वकालत की है.

स्टीव वॉ ख़ुद भी ये साबित करने के लिए पॉलीग्राफ़ जाँच से गुज़रे हैं कि उन्होंने कभी कुछ ग़लत नहीं किया. लंदन में उन्होंने कहा कि अन्य खिलाड़ियों को भी ये अपनाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान ये जाँच फ़ायदेमंद साबित हो सकती है.

स्टीव वॉ ने कहा, "मुझे भरोसा है कि जो खिलाड़ी कुछ छिपाना चाहते हैं, उन्हें इस जाँच से सामने लाया जा सकता है."

समर्थन

भारत के ख़िलाफ़ चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ शुरू होने से पहले इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने स्टीव वॉ के बयान का संभल कर समर्थन किया है.

लंदन में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, "मैं हर उस चीज़ के पक्ष में हूँ, जिससे ग़लत चीज़ों को सामने लाया जा सकता है. ये क्रिकेट की प्रगति के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण है कि वो अपनी साफ़-सुथरी छवि के साथ आगे बढ़े. मैं नहीं जानता कि लाइ डिटेक्टर कैसे काम करता है और कितना सही है. लेकिन मुझे यह आइडिया अच्छा लगा है."

लेकिन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

लाइ डिटेक्टर टेस्ट की वकालत करने वाले स्टीव वॉ ने कहा कि इससे उन क्रिकेटरों पर लगा दाग़ भी धुल सकता है, जिन पर ग़लत रूप से मैच फ़िक्सिंग के आरोप लगाए गए हैं.

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