फ़ीफ़ा ने बैठाई 16 लोगों पर जाँच

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Image caption फ़ीफ़ा प्रमुख सेप ब्लैटर ने वादा किया था कि वह फ़ुटबॉल के प्रशासन को साफ़ सुथरा करेंगे

फ़ुटबॉल की मुख्य प्रशासकीय संस्था फ़ीफ़ा का कहना है कि वह भ्रष्टाचार को लेकर जारी छानबीन में 16 वरिष्ठ अधिकारियों की जाँच करने जा रही है.

ये सभी 16 अधिकारी कैरिबियाई देशों के फ़ुटबॉल संगठनों से जुड़े हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने मौजूदा फ़ीफ़ा प्रमुख सेप ब्लैटर को हटाने की कोशिश में फ़ीफ़ा प्रमुख पद के प्रत्याशी रहे मोहम्मद बिन हम्माम का समर्थन करने के लिए रिश्वत ली थी.

भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद बिन हम्माम ने उम्मीदवारी वापस ली थी और उसके बाद फ़ीफ़ा की आचार संहिता से जुड़ी समिति ने उन पर आजीवन प्रतिबंध भी लगा दिया था.

जिन 16 अधिकारियों की जाँच होगी वे बारबाडोस, गयाना और त्रिनिदाद ऐंड टोबैगो जैसे देशों के वरिष्ठ अधिकारी हैं.

उन पर आरोप है कि उन्हें फ़ीफ़ा प्रमुख पद के प्रत्याशी बिन हम्माम का समर्थन करने के लिए 40 हज़ार डॉलर दिए जा रहे थे.

आरोप ये भी है कि फ़ीफ़ा ने इसके बाद जब मामले की जाँच शुरू की तो इन अधिकारियों ने इस बात से पूरी तरह इनकार कर दिया कि रिश्वत की किसी तरह की पेशकश हुई थी.

दोबारा पूछताछ

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Image caption मोहम्मद बिन हम्माम पर फ़ीफ़ा ने आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है

फ़ीफ़ा का कहना है कि इन सभी 16 अधिकारियों को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा. साथ ही उसने भविष्य में उन पर अनुशासनिक कार्रवाई से भी इनकार नहीं किया है.

ये पूरी जाँच कैरिबियाई देशों में फ़ुटबॉल के लिए अच्छी ख़बर नहीं होगी क्योंकि आने वाले महीनों में इनमें से कई देश फ़ुटबॉल विश्व के लिए क्वॉलिफ़ाइंग मुक़ाबले खेलने वाले हैं.

सेप ब्लैटर लगातार चौथी बार फ़ीफ़ा के अध्यक्ष के तौर पर चुने गए थे और वो भी बिना किसी विरोध के. उन्होंने ये वादा किया था कि वह फ़ुटबॉल के प्रशासन को साफ़-सुथरा करने पर ध्यान देंगे.

उनके समर्थकों का कहना है कि ब्लैटर अपने उसी वायदे को निभाने की कोशिश कर रहे हैं मगर आलोचकों के अनुसार पिछले दिनों हुई घटना के बाद वह इस समस्या से निबटने के लिए बाध्य हुए हैं क्योंकि इन आलोचकों का कहना है कि ये सारी समस्याएँ तो फ़ीफ़ा में वर्षों से चली आ रही हैं.

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