मेसी के जादू का असर

Image caption मेसी ने भारत आने के बाद जमकर प्रैक्टिस भी की है.

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता को अगर भारतीय फुटबाल का ‘मक्का’ कहा जाता है तो फुटबाल प्रेमियों की नजर में अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी का दर्जा आधुनिक फुटबाल के ‘भगवान’ से कम नहीं है.

अब यह ‘भगवान ‘अगर ‘मक्का’ में उतर आए तो इन फुटबालप्रेमियों की दीवानगी और महानगर के माहौल का अनुमान लगाना कोई मुश्किल नहीं है.

आम तो आम कोलकाता के खास लोगों तक पर मेसी का जादू सिर चढ़ कर बोल रहा है. मेसी की अगुवाई में अर्जेंटीना की टीम शुक्रवार को साल्टलेक स्टेडियम में वेनेजुएला से एक मैत्री मैच खेलेगी.

इसका आयोजन फीफा ने किया है.

मेसी और इस मैच के प्रति लोगों की दीवानगी का आलम यह है कि शुक्रवार को होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक भी एक दिन पहले खिसका दी गई है.

राज्यपाल एमके नारायणन और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच शुक्रवार को होने वाली बैठक भी टाल दी गई है. आखिर ऐसा हो भी क्यों न. राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री और उनके तमाम मंत्री मेसी और अर्जेंटीना के जबरदस्त फैन हैं.

इस मैच को देखने के लिए भारतीय फिल्मोद्योग के कई सितारों ने भी टिकटें खरीदी हैं.

सितारे देखेंगे मैच

इनमें अभिनेता रणवीर कपूर, दिया मिर्जा और निर्देशक अनुराग कश्यप प्रमुख हैं. किसी अंतरराष्ट्रीय सितारे के कोलकाता दौरे का यह पहला मौका नहीं है.

इससे पहले ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले ने 1977 में अमेरिका के कास्मोस कल्ब की टीम के साथ यहां मोहनबागान के खिलाफ प्रदर्शनी मैच खेला था.

जर्मन गोलकीपर ओलिवर कान ने भी 2008 में बायर्न म्युनिख की ओर से यहां अपना आखिरी मैच खेला था.

उसके बाद अर्जेंटीना के डिएगो माराडोना भी कोलकाता के इस स्टेडियम में आए थे. अभी बीते साल डेविड फोरलान ने भी यहां अपने पैरों का जादू दिखाया था.

भारत में इससे पहले कभी फीफा की ओर से कोई ऐसा मैच आयोजित नहीं किया गया है जिसमें दुनिया की शीर्ष टीमों ने हिस्सा लिया हो.

अर्जेंटीना फिलहाल फीफा की रैंकिंग में नौवें नंबर पर है और वेनेजुएला 44वें पर.

इस मैच के लिए साल्टलेक स्टेडियम को एकदम नया रूप दिया गया है. पूरा स्टेडियम अपने प्रिय सितारों के स्वागत के लिए तैयार है.

महानगर के एक उभरते फुटबालर स्वपन दत्त कहते हैं, ‘‘इस स्टेडियम में मेसी को खेलते देखना एक सपने के सच होने की तरह है. खेल मंत्री ने कहा है कि 40 करोड़ की लागत से इस स्टेडियम की मरम्मत की गई है. यह हमारे लिए अछ्छा है. हमें इससे अपना खेल सुधारने में काफी सहायता मिलेगी.’’

मेसी बुधवार तड़के कोलकाता पहुंच गए. बार्सिलोना के लिए खेलने वाले मेसी ला लिगा मैच की वजह से अर्जेंटीना टीम के साथ यहां नहीं पहुंचे थे.

उनकी उड़ान बुधवार सुबह तीन बजकर 15 मिनट पर यहां उतरी. लेकिन हजारों प्रशसंक रात दो बजे से ही दमदम स्थित नेताजी सुभाष चंद्र एयरपोर्ट पहुंचने लगे थे.

इनमें से कुछ ने 10 नंबर की जर्सी भी पहन रखी थी. मेसी इसी नंबर की जर्सी पहनते हैं. बारिश के बावजूद प्रशंसकों का उत्साह कम नहीं हुआ. वे नाच रहे थे और मेसी के समर्थन में नारे लगा रहे थे. कुछ ने मेसी के आदमकद पोस्टर ले रखे थे.

प्रशंसकों की भारी भीड़ को देखते हुए मेसी और बार्सिलोना के उनके साथी जेवियर माशेरनो और वेनेजुएला के तीन खिलाडि़यों को कड़ी सुरक्षा के बीच चुपचाप एयरपोर्ट से बाहर निकाला गया.

Image caption कोलकाता में लोग अर्जेटीना टीम के बड़े फैन रहे हैं.

इस मैच के आयोजक सेलेब्रिटी मैनेजमेंट ग्रुप के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘हवाई अड्डे पर मेसी जैसे ही पहुंचे, कई प्रशंसक उनके ऊपर गिर गए. उन्हें हवाई अड्डे से निकलने में काफी समय लगा क्योंकि सभी अधिकारी उनके साथ समय बिताना और फोटो खिंचाना चाहते थे.’’

मेसी के प्रशंसक गौतम दास कहते हैं, ‘‘मेसी का यहां खेलने आना कोलकाता के लिए एक उपलब्धि है. मुझे नहीं मालूम जब मैं फुटबॉल के 'भगवान' को यहां खेलता देखूंगा तब क्या होगा.’’

मेसी के महानगर में पहुंचने के बाद इस मैच के टिकटों की बिक्री भी तेज हो गई है. वैसे अबकी कीमत दूसरे मैचों के मुकाबले काफी अधिक है.

इन टिकटों की कीमत सात सौ से पांच हजार रुपए तक है. लेकिन प्रशंसकों को इसकी परवाह नहीं है.

एक फुटबाल प्रशंसक सोमनाथ कहते हैं, ‘‘मैं मेसी की एक झलक पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हूं. मैं यह मैच जरूर देखूंगा.’’

कोलकाता के आधे से ज्यादा लोग अर्जेंटीना टीम के फैन हैं. और ऊपर से जब आधनिक माराडोना कहे जाने वाले मेसी भी आ रहे हों तो कहना ही क्या.

मेसी को जब फीफा के सर्वश्रेष्ठ फुटबालर घोषित किया गया था तब भी यहां लोगों ने जश्न मनाया था और मिठाइयां बांटी थी.

मैच की तारीख करीब आने के साथ ही लोगों का उत्साह और उसके साथ मैच के टिकटों की बिक्री बढ़ती ही जा रही है.

इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि दो सितंबर को कोलकाता के तमाम रास्ते साल्टलेक स्टेडियम की ओर जाते ही नजर आएंगे और तब कोलकाता ही नहीं बल्कि पूरा राज्य वुवुजेला के स्वरों से गूंज उठेगा.

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