मंसूर अली ख़ान पटौदी का निधन

मंसूर अली ख़ान पटौदी
Image caption मंसूर अली ख़ान पटौदी ने चालीस टेस्ट में भारत की कप्तानी की

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली ख़ान पटौदी का निधन हो गया है. वे पिछले महीने से फेफड़े में इंफ़ेक्शन की शिकायत के बाद दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे.

मंसूर अली ख़ान पटौदी 70 वर्ष के थे. उनके परिवार में उनकी पत्नी शर्मिला टैगोर, बेटे सैफ़ अली ख़ान और बेटियाँ सोहा अली ख़ान और सबा अली ख़ान हैं.

मंसूर अली ख़ान पटौदी ने भारत की ओर से 46 टेस्ट खेले और छह शतक लगाए. उन्होंने 16 अर्धशतक भी लगाए और एक विकेट भी लिया.

वे सिर्फ़ 21 साल की उम्र में भारत के कप्तान बने और अपनी कप्तानी में पहली बार भारत को विदेशी धरती पर जीत दिलवाई.

उन्होंने चालीस टेस्ट में भारत की कप्तानी की. जिसमें से सिर्फ़ नौ टेस्ट में भारत को जीत मिली.

मंसूर अली ख़ान पटौदी का जन्म पाँच जनवरी 1941 को भोपाल में हुआ था.

टाइगर के नाम से चर्चित मंसूर अली ख़ान पटौदी इफ़्तिख़ार अली ख़ान पटौदी के बेटे थे.

करियर

इफ़्तिख़ार अली ख़ान पटौदी सीनियर पटौदी के नाम से जाने जाते थे और उन्होंने भी भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी की थी.

मंसूर अली ख़ान पटौदी की शुरुआती शिक्षा-दीक्षा देहरादून में हुई और फिर उन्होंने अपनी ज़्यादातर पढ़ाई ब्रिटेन में की.

अपना क्रिकेट करियर शुरू करने के बाद 20 साल की उम्र में एक कार दुर्घटना के कारण मंसूर अली ख़ान की दाईं आँख की रोशनी ख़त्म हो गई थी.

वर्ष 1961 में उन्होंने अपना क्रिकेट करियर शुरू किया और एक साल बाद ही 1962 में उन्हें टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी गई.

ख़राब प्रदर्शन के कारण 1970 में उनसे कप्तानी छीन ली गई और फिर 1975 में उन्हें टीम से भी हटा दिया गया.

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