संन्यास लिया ही नहीं था: अफ़रीदी

शाहिद अफ़रीदी इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption शाहिद अफ़रीदी ने इस बात को साफ़ किया है कि उन्हें किसी और की कप्तानी में क्रिकेट खेलने से कोई परहेज़ नहीं है.

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के साथ तनातनी के चलते पांच महीने पहले क्रिकेट छोड़ने की घोषणा करने वाले शाहिद अफ़रीदी ने अब ये कहा है कि वे टीम में चयन के लिए उपलब्ध हैं.

शाहिद अफ़रीदी ने इस बात की घोषणा कर दी है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में हुए बदलावों के चलते अब वे दोबारा टीम के लिए उपलब्ध हैं और उन्होंने कभी संन्यास लिया ही नहीं था.

शाहिद अफ़रीदी ने पत्रकारों को बताया, "मैंने तय किया है कि पाकिस्तान टीम के लिए दोबारा उपलब्ध रहूँगा. मैंने कभी भी क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया था. सिर्फ यही कहा था कि पिछले क्रिकेट प्रशासन के तहत पाकिस्तान के लिए नहीं खेलूँगा." पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ऑलराउंडर शाहिद अफ़रीदी ने ख़ुद से एक दिवसीय क्रिकेट की कप्तानी छिनने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

टीम के वेस्टइंडीज़ दौरे के दौरान कोच वक़ार यूनुस से शाहिद अफ़रीदी के कथित तौर पर मतभेद हो गए थे.

'क्रिकेट पर कलंक'

साल 2011 के मई महीने में शाहिद अफ़रीदी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास की घोषणा की थी और कहा था कि वह पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड से ख़ुश नहीं हैं.

नाराज़ शाहिद अफ़रीदी ने कहा था, “लोगों ने मुझे काफ़ी सम्मान और प्यार दिया है. मैं इसे एक ऐसे बोर्ड के साथ बरबाद नहीं करना चाहता जिसे यह पता ही नहीं है कि खिलाड़ियों का सम्मान कैसे किया जाता है.”

बोर्ड के सदस्यों पर हमला बोलते हुए अफ़रीदी ने कहा था कि यह लोग पाकिस्तानी क्रिकेट पर कलंक हैं.

उन्होंने जीओ टीवी को बताया था कि ‘उनकी मानसिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह क्रिकेट खेलना जारी रखें. लेकिन यह एक सशर्त रिटायरमेंट' है.

हालाँकि पांच महीने बाद क्रिकेट में वापसी की घोषणा करते हुए शाहिद अफ़रीदी ने इस बात को भी साफ़ किया है कि उन्हें किसी और की कप्तानी में क्रिकेट खेलने से कोई परहेज़ नहीं है.

लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अभी तक शाहिद अफ़रीदी की इस ताज़ा घोषणा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.

संबंधित समाचार