सिरीज़ पर क़ब्ज़े के लिए उतरेगा भारत

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Image caption कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की नज़रें शृंखला जीतने पर लगी हैं

इंग्लैंड में शर्मिंदगी झेलकर लौटी भारतीय क्रिकेट टीम लगातार दो मैच जीतने के बाद मोहाली में तीसरा वनडे जीतकर सिरीज़ पर भी क़ब्ज़ा करने के मक़सद से उतरेगी.

वहीं इंग्लैंड की कोशिश हार का ये सिलसिला तोड़ने की है और वो यहाँ से तीनों मैच जीतकर शृंखला अपनी ओर मोड़ने की कोशिश में है.

इस शृंखला को बदले की सिरीज़ के तौर पर देखा जा रहा है जहाँ भारतीय क्रिकेटर इंग्लैंड में हुए अपमान का बदला लेने की कोशिश में हैं.

भारत ने पहले दोनों मैचों में बड़ी जीत हासिल की है और तीसरे में वो अपना प्रदर्शन बरक़रार रखने की कोशिश में होगा.

हैदराबाद में खेले गए पहले वनडे में भारत ने इंग्लैंड को 126 रनों से मात दी थी तो दूसरे में विराट कोहली के बेहतरीन शतक ने भारत को आठ विकेट से जीत दिलाई.

भारत इस शृंखला में युवा खिलाड़ियों पर भरोसा कर रहा है और अगर भारत ने मोहाली का वनडे जीत लिया तो वह आईसीसी की वनडे रैंकिंग में चौथा स्थान पक्का कर लेगा.

वैसे इस शृंखला में सचिन तेंदुलकर, वीरेंदर सहवाग, युवराज सिंह या ज़हीर ख़ान जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की कमी युवाओं ने महसूस नहीं होने दी है.

प्रभावशाली प्रदर्शन

विराट कोहली, सुरेश रैना, महेंद्र सिंह धोनी ने बल्लेबाज़ी में तो विनय कुमार और रवींद्र जडेजा ने गेंदबाज़ी में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है.

मगर इन सबके बीच मोहाली का वनडे भी कम दिलचस्प नहीं होगा क्योंकि वहाँ आम तौर पर स्पिनरों को ज़्यादा मदद नहीं मिलती.

तेज़ गेंदबाज़ों के अलावा बल्लेबाज़ों को भी इस पिच से उम्मीद होगी. मगर इंग्लैंड ने पहले दो मैचों में जिस तरह का प्रदर्शन किया है उसके बाद उन्हें उस प्रदर्शन में काफ़ी ज़बरदस्त सुधार करना होगा.

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Image caption इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा

गेंदबाज़ किसी भी तरह भारतीय बल्लेबाज़ों को चिंतित या परेशान नहीं कर सके हैं.

भारतीय टीम में बल्लेबाज़ों पर ही जीत का दारोमदार रहा है और उन्होंने पहले दोनों मैचों में बख़ूबी वो किया भी है. हैदराबाद में जहाँ कप्तान धोनी ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों के धुर्रे बिखेर दिए तो दिल्ली में कोहली का इंग्लैंड के पास कोई जवाब नहीं था.

वहीं दूसरी ओर इंग्लैंड की टीम बल्लेबाज़ी के मोर्चे पर पूरी तरह विफल हो गई है. कोई भी बल्लेबाज़ बड़ा स्कोर खड़ा करता नहीं दिख रहा है और इस सूरत में इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी अब केविन पीटरसन से टीम को दिशा देने की उम्मीद कर रहे हैं.

इंग्लैंड के लिए परेशानी का सबब उनकी गेंदबाज़ी भी बन रही है. स्टीवन फ़िन और टिम ब्रेसनन ने अलग-अलग तो अच्छा प्रदर्शन किया है मगर भारत में जिस तरह रवींद्र जडेजा या आर अश्विन ने स्पिन में प्रभावित किया है वैसा समित पटेल नहीं कर सके हैं.

इन हालात में इंग्लैंड को मोहाली में जीत के लिए किसी जादुई प्रदर्शन की ज़रूरत होगी.

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