'मानसिक तौर पर कमज़ोर थे सचिन तेंदुलकर'

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Image caption ग्रेग चैपल के कार्यकाल के दौरान भारत विश्व कप में बुरी तरह हार कर वापस लौटा था.

भारतीय टीम के पूर्व कोच और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान ग्रेग चैपल ने कहा है कि अपने क्रिकेट करियर के एक दौर में सचिन तेंदुलकर मानसिक रूप से कमज़ोर थे.

ग्रेग चैपल ने बाज़ार में आने वाली अपनी किताब 'फीयर्स फ़ोर्स' में इस बात का भी ज़िक्र किया है कि सचिन उस दौर में उनके पास मदद के लिए आए थे.

पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज़ शोएब अख्तर के बाद ग्रेग चैपल ऐसे दूसरे मशहूर क्रिकेटर हैं जिन्होंने अपनी किताब में सचिन तेंदुलकर के बारे में कोई सनसनीखेज़ बात लिखी है.

जाने माने अखबार 'हेराल्ड सन' में छपे इस किताब के अंशों से पता चलता है कि चैपल ने दिसंबर में भारत और ऑस्टेलिया के बीच खेली जाने वाली टेस्ट सिरीज़ से पहले सचिन को कमजो़र मानसिक शक्ति वाला बताकर नई बहस छेड़ दी है.

गौ़रतलब है कि ग्रेग चैपल 2005 से 2007 तक भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रहे थे और उनका कार्यकाल विवादों से घिरा रहा बताया जाता है.

'अपेक्षाओं के बोझ में दबे'

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट के राष्ट्रीय चयनकर्ता के पद से हटाए गए चैपल ने अपनी किताब में लिखा है कि सचिन तेंदुलकर अपेक्षाओं के बोझ से प्रभावित हो गए थे.

ग्रेग चैपल के मुताबिक़, "'टीम जब विदेश दौरे पर जाती थी तो सचिन हमेशा हेडफ़ोन लगाए रहते थे और अपने अगल-बगल देखते भी नहीं थे. इतनी अधिक अपेक्षाओं का बोझ डॉन ब्रैडमेन पर भी नहीं रहा होगा जितना सचिन 1989 से झेल रहे हैं." सचिन के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए ग्रेग चैपल ने लिखा है, "एक बार जब हम यात्रा कर रहे थे, तब मैंने उनसे पूछा था कि आपके तो ढेरों दोस्त होंगे. आपको सबके साथ तालमेल बनाए रखने में काफी दिक्कत होती होगी. उन्होंने मेरी आँख में देखते हुए कहा था कि मुझसे ज़्यादा भारत में आपके दोस्त होंगे." ग्रेग चैपल की यह किताब एक ऐसे समय में आई है जबकि चंद महीने बाद ही भारतीय क्रिकेट टीम चार टेस्ट मैच खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रवाना होगी.

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