मैच फ़िक्सिंग और शोएब अख़्तर

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Image caption शोएब अख़्तर ने अपनी किताब 'कंट्रोवर्शली यूअर्स'में कई बातें खुलकर बयान की हैं.

पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर का कहना है कि स्पॉट फ़िक्सिंग का मामला सामने आने के बाद इंग्लैंड के खिलाड़ी तीखे शब्दों में उनकी खिल्ली उड़ाते थे.

शोएब अख़्तर ने अपनी पुस्तक 'कंट्रोवर्शली यूअर्स' में लिखा है कि जब वे एक दिवसीय श्रृंखला के लिए लंदन पहुँचे तो मैच फ़िक्सिंग के आरोपों से ब्रितानी अख़बार भरे हुए थे और एक बार फिर हर तरफ उथल-पुथल मची हुई थी.

उनके मुताबिक़ वे उन नए खिलाड़ियों से इस प्रकार की आशा नहीं कर रहे थे और सोच रहे थे कि यह किस किस्म के लड़के हैं, उनको देश की इज़्ज़त का ख़्याल क्यों नहीं है?

शोएब अख़्तर लिखते हैं कि उस स्थिति में खेल का आनंद लेने के बजाए उन्हें अपनी टीम के बारे में नकारात्मक बातें सुनने को मिल रही थी हालांकि विश्व कप को ज़हन में रखते हुए अच्छे से अच्छा प्रदर्शन दिखाने की कोशिश कर रहे थे.

शोएब के मुताबिक़ उन्होंने कोशिश की कि टीम के युवा खिलाड़ियों का नेतृत्व करें लेकिन समझ में नहीं आ रहा था कि किस पर विश्वास करें, टीम उनके सामने टूटी हुई दिख रही थी.

टीम मैच फ़िक्सिंग में लिप्त

वे उस क्षण को बयान करते हैं जब लॉर्डस में हो रहे वन-डे मैच के दौरान पाल क़ॉलिंगवुड उनकी तरफ़ गुज़रते हुए कहने लगे 'शोएब क्या तुम अँधे हो गए हो? तुम्हारी पूरी टीम मैच फ़िक्सिंग में लिप्त है.'

शोएब लिखते हैं, "मैंने ग़ुस्से में जवाब दिया कि पाल अगर तुम जानते हो तो मुझे कुछ बताओ जिस पर कॉलिंगवुड का कहना था कि हम तुम्हारी बहुत इज़्ज़त करते हैं क्योंकि तुमने खेल को कभी धोखा नहीं किया लेकिन तुम्हारी टीम दे रही है."

उन्होंने लिखा है कि उनके लिए वह क्षण काफ़ी दुखदायक था जब नेट प्रेक्टिस के दौरान एक खिलाड़ी ने वहाब रियाज़ को मारते हुए कहा कि तुम मैच फ़िक्सिंग में लिप्त हो.

उस स्थिति में टीम प्रशासन पुलिस को शिकायत करने वाली थी लेकिन यह सोच कर कि कहीं दौरा ख़तरे में ना पड़ जाए इस लिए कुछ नहीं कहा गया.

उन्होंने अपनी किताब में तीनों क्रिकेट खिलाड़ियों सलमान बट, मोहम्मद आसिफ़, और मोहम्मद आमिर का ज़िक्र किया है और लिखा है कि उस घटना के बाद आईसीसी की कड़ी नज़र में थे और टीम के सिक्योरिटी इंचार्ज मेजर नजम 13 दिनों तक उन खिलाड़ियों के साथ रहने लगे क्योंकि यह डर था कि खिलाड़ी कोई उलटी सीधी हरकत न कर बैठें.उन तीनों खिलाड़ियों ने खाने पीने से इंकार कर दिया था.

शोएब ने बताया कि सलमान बट और मोहम्मद आमिर काफ़ी ज़हनी तनाव का शिकार थे लेकिन मोहम्मद आसिफ़ पर कोई असर नहीं दिखा था.

वह कहते हैं कि मोहम्मद आसिफ़ के बारे में जान कर उन्हें आश्चर्य नहीं हुआ क्योंकि वह आसिफ़ को अच्छी तरह जानते थे.

उनके मुताबिक़ मोहम्मद आसिफ़ ने एक बार उन्हें मैच फ़िक्सिंग मामले के बाद कहा था कि 'छोड़ो जी, कोई मसला ही नहीं है.'

शोएब अख़्तर ने लिखा है कि उन्होंने सलमान बट को कहा था कि अगर वे ख़ुद को दोषी नहीं समझते हैं तो उन्हें आईसीसी का सामना करना चाहिए.

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