बट, आसिफ़ और आमिर को जेल

सलमान बट, मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption तीनों खिलाड़ियों पर आईसीसी ने पहले ही प्रतिबंध लगा दिया था

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सलमान बट और तेज़ गेंदबाज़ों मोहम्मद आसिफ़ और मोहम्मद आमिर को लंदन की एक अदालत ने 'स्पॉट फ़िक्सिंग' के मामले में जेल की सज़ा सुनाई है.

लंदन के साउथवार्क क्राउन कोर्ट ने सलमान बट को दो साल छह महीने जेल की सज़ा सुनाई है.

तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आसिफ़ को एक साल की कैद हुई है.

वहीं मोहम्मद आमिर को छह महीने की सज़ा सुनाई गई है.

अदालत ने बट्ट को धोखेबाज़ी और भ्रष्ट तरीक़े से पैसे लेने के षडयंत्र का दोषी पाया जबकि आसिफ़ को सिर्फ़ धोखाधड़ी के षडयंत्र का दोषी पाया गया.

खिलाड़ियों के एजेंट मज़हर माजिद को सबसे अधिक, दो साल आठ महीने की सज़ा सुनाई गई है.

अफ़सोसनाक है फ़ैसला: पीसीबी

सज़ा के बाद जज ने खिलाड़ियों से ये भी कहा कि अगर उनका व्यवहार अच्छा रहा तो आधी सज़ा के बाद उन्हें लाइसेंस पर छोड़ा जा सकता है.

बट्ट और आसिफ़ इस बात से इनकार करते रहे हैं कि वे इस उच्च स्तर की सट्टेबाज़ी में शामिल थे.

इस मामले में मोहम्मद आमिर पर भी आरोप लगाए गए थे और उन्होंने स्पॉट फ़िक्सिंग मामले में अदालत में लिखित रुप से अपना अपराध स्वीकार कर लिया था.

पाक खिलाड़ियों को सज़ा का स्वागत

अभियोजन पक्ष का कहना है कि पिछले साल इंग्लैंड के साथ एक टेस्ट मैच के दौरान इन खिलाड़ियों ने पहले से तयशुदा समय पर नो बॉल फेंकी थी.

ये मामला सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के ट्राब्यूनल ने तीनों खिलाड़ियों को भ्रष्टाचार का दोषी पाते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया था.

सलमान बट पर 10 वर्ष की, मोहम्मद आसिफ़ पर सात वर्ष की और मोहम्मद आमिर पर पाँच वर्ष की पाबंदी लगा गई थी.

कड़ी टिप्पणियाँ

अपने फ़ैसले में जस्टिस कुक ने खिलाड़ियों से कहा, "पहले ये सिर्फ़ एक कहावत थी कि 'ये क्रिकेट नहीं है', लेकिन आप लोगों के छलपूर्ण व्यवहार का जो असर पेशेवर क्रिकेट और उसके प्रशंसकों पर पड़ेगा, उसने आप लोगों के अपराध को और गंभीर बना दिया है."

उन्होंने कहा, "क्रिकेट पहले एक खेल था और अब एक व्यवसाय है, इस मामले से क्रिकेट की छवि ख़राब हुई है, ख़ासकर उन युवाओं की नज़र में जो आपको अपना हीरो मानते थे और आपकी तरह खेलने के लिए जिन्होंने अपना सब कुछ दाँव पर लगा दिया."

जज का कहना था कि भविष्य में जब भी लोग मैदान में या टेलीविज़न पर मैच देखते हुए कोई अप्रत्याशित परिणाम देखेंगे तो वे ज़रूर सोचेंगे कि कहीं मैच फ़िक्स्ड तो नहीं था?

मैच फ़िक्सिंग और शोएब अख़्तर की यादें

तीनों खिलाड़ियों को सज़ा सुनाने के अलावा मुक़दमे का ख़र्च उठाने को भी कहा गया है.

27 वर्षीय सलमान बट को 30,937 पाउंड, मोहम्मद आमिर को 9,389 पाउंड और मोहम्मद आसिफ़ को 8,120 पाउंड का भुगतान करने को कहा गया है.

बट, आसिफ़ और मजीद को दक्षिण लंदन के वांड्सवर्थ जेल में भेजा गया है. लेकिन आमिर को फ़ेल्थम के किशोर अपराध संस्थान में भेजा जाएगा.

आमिर के वकील ने कहा है कि वे इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ की गई अपील के आधार पर ज़मानत की याचिका दायर करेंगे.

इन खिलाड़ियों को सुनाई गई सज़ा पाकिस्तान के लिए एक सदमे की तरह है जहाँ ये खिलाड़ी सुपरस्टार थे.

गुरुवार को आए इस फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सलमान बट की बहन रुबाब ने बीबीसी से हुई बातचीत में कहा, "हमारे लिए ये फ़ैसला बहुत ही चौंकाने वाला है. हमारे भाई ने कुछ नहीं किया है. उसके साथ ज़्यादती हुई है. लेकिन ठीक है, जज को जो भी लगा और जो भी फ़ैसला दिया है, हमें अल्ला पर पूरा भरोसा है. इंशा अल्लाह एक दिन सबको पता चल जाएगा कि हक़ीकत क्या थी."

मामला

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Image caption मजीद को सबसे लंबी सज़ा सुनाई गई है

समाचार पत्र 'न्यूज़ ऑफ़ द वर्ल्ड' ने सट्टेबाज़ी के इस षडयंत्र का पर्दाफ़ाश किया था.

इस अख़बार के पत्रकार ने सट्टेबाज़ मजीद को डेढ़ लाख रुपए स्वीकार करते हुए फ़िल्म उतार ली थी.

इसके आधार पर खिलाड़ियों पर आरोप लगाया गया था कि पिछले साल अगस्त में इंग्लैंड में लॉर्ड्स टेस्ट मैच के दौरान तीनों खिलाड़ियों ने 'स्पॉट फ़िक्सिंग' की थी.

अभियोजन पक्ष का कहना था कि इन तीनों खिलाड़ियों ने सट्टेबाज़ों के साथ साँठगाँठ की और इंग्लैंड के ख़िलाफ़ मैच के दौरान पहले से तय ओवर और गेंद पर 'नो बॉल' फेंकीं.

मजीद का कहना था कि उसने आसिफ़ को 65 हज़ार पाउंड, बट को दस हज़ार पाउंड और आमिर को ढाई हज़ार पाउंड की राशि दी थी.

पहले खिलाड़ी इन आरोपों से इनकार करते रहे थे.

लेकिन बाद में मोहम्मद आमिर ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था.

गत मंगलवार को अदालत ने सलमान बट और मोहम्मद आसिफ़ को दोषी ठहराया था.

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