‘हाथ मिलाओ और नस्ली भेदभाव भूल जाओ’

 गुरुवार, 17 नवंबर, 2011 को 02:26 IST तक के समाचार
सेप ब्लैटर

इससे पहले भी ब्लैटर अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहे हैं.

फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप ब्लैटर का कहना है कि फुटबाल के मैदान में नस्ली भेदभाव का कोई भी मामला खेल खत्म होने के बाद एक दूसरे के साथ हाथ मिलाते ही खत्म हो जाना चाहिए.

समाचार चैनल सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में ब्लैटर ने कहा है कि है कि नस्ली भेदभाद के इन मामलों को बीती पारी की तरह भूल जाना चाहिए. एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि वो नहीं मानते कि फुटबॉल के खेल में नस्ली भेदभाव की कोई जगह है लेकिन कभी-कभी खेल के जोश में कुछ बातें कह दी जाती हैं.

ब्लैटर का कहना है कि फ़ीफ़ा ने फुटबॉल के खेल से नस्ली भेदभाव को खत्म करने के लिए निर्णायक प्रयास किए हैं और ये प्रयास सफल रहे हैं.

ब्लैटर के इस बयान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. हालांकि इस विवाद के बाद अब 75 वर्षीय ब्लैटर का कहना है कि उनके बयान को गलत समझा गया है.

"मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि मैं नस्ली भेदभाव के खिलाफ़ लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध हूं चाहे यह भेदभाव फुटबॉल के मैदान में हो या फिर समाज में. मेरे बयान को गलत समझा गया है और मैंने खिलाड़ियों से कहा था कि फुटबॉल के मैदान में अक्सर जंग लड़ी जाती है जिसके चलते इस तरह की गलतियां हो जाती हैं."

फ़ीफ़ा के अध्यक्ष सेप्प ब्लैटर

उन्होंने कहा, ''मैं पूरी तरह यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि मैं नस्ली भेदभाव के खिलाफ़ लड़ाई के लिए प्रतिबद्ध हूं चाहे यह भेदभाव फुटबॉल के मैदान में हो या फिर समाज में. मेरे बयान को गलत समझा गया है और मैंने खिलाड़ियों से कहा था कि फुटबॉल के मैदान में अक्सर जंग लड़ी जाती है जिसके चलते इस तरह की गलतियां हो जाती हैं.''

उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो मैच के अंत में आप अपने प्रतिद्वंद्वी से माफ़ी मांग लेते हैं और खेल के साथ यह अनबन भी खत्म हो जाती है.

हालांकि ब्लैटर के इस कथन का कई खिलाड़ियों ने विरोध किया है. इंग्लैड और मैनचैस्टर युनाइटेड के साथ जुड़े रियो फरडिनांड ने कहा, ''मैं यह जानना चाहता हूं कि ब्लैटर का यह बयान क्या वाकई सच है और अगर यह सच है तो मैं इससे हतप्रभ हूं.''

बीबीसी से बातचीत में खिलाड़ी गार्थ क्रूक्स ने कहा कि ज़ाहिर है कि ब्लैटर के साथ कभी नस्ली भेदभाव नहीं हुआ है और उनके इस बयान से मैं बेहद आश्चर्य चकित हूं.

इससे पहले भी ब्लैटर अपने बयानों को लेकर विवादों में घिरे रहे हैं. साल 2004 में उन्होंने कहा था कि महिलाएं अपने खेल को लोकप्रिय बनाने के लिए ‘तंग-कपड़े’ पहन सकती हैं.

2010 में उन्होंने कहा था कि 2022 में क़तर में होने वाले फुटबॉल विश्वकप के लिए जाने वाले समलैंगिक प्रशंसक सेक्स से दूर रहें क्योंकि क़तर में समलैंगिकता को क़ानूनी मान्यता प्राप्त नहीं.

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