'कैच छूटा तो लगा भगवान मेरे साथ है'

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Image caption सहवाग ने कहा कि सैमी के हाथों कैच छूटने के बाद उन्हें लगा कि वह दोहरा शतक जमा सकते हैं

वनडे क्रिकेट में धमाकेदार 219 रनों के साथ नया रिकॉर्ड बनाने वाले वीरेंदर सहवाग का कहना है कि जब वेस्टइंडीज़ के कप्तान सैमी ने उनका कैच टपकाया तो उन्हें लगा कि भगवान ने उन्हें 200 रन पूरे करने का संकेत दिया है.

इतनी धुआँधार पारी और बेहतरीन बल्लेबाज़ी का सहवाग के पास बिल्कुल सीधा सा जवाब था, "मैं जब भी गेंद को मारना चाहता था तो मैंने खिलाड़ियों के बीच से शॉट लगाया और चौका लग गया. मैं जब भी छक्का मारना चाहता था मैंने बस सीधे बल्ले से मारने की कोशिश की."

सहवाग ने बताया कि पारी की शुरुआत में ही उन्हें अंदाज़ था कि इस पिच पर बड़ा स्कोर बन सकता है.

सहवाग ने बताया कि खेल के आरंभ में ही उन्होंने साथी सलामी बल्लेबाज़ गौतम गंभीर से कह दिया था कि अगर दोनों थोड़े धैर्य से खेले तो वे इस पिच पर बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं.

सहवाग ने माना कि लोगों को उनसे उम्मीद थी और उन्होंने लोगों की उम्मीद पूरी की.

वैसे सहवाग ने किसी और का नहीं बल्कि ख़ुद सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ा.

सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड का दिन याद करते हुए उन्होंने कहा, "जब सचिन ने दोहरा शतक मारा था तो मैं वहाँ सचिन के लिए जोश में चिल्ला रहा था. उनका रिकॉर्ड तोड़ना बहुत बड़ी बात है."

ईश्वरीय संकेत

मगर सचिन तेंदुलकर सहवाग की ये पारी देखने के लिए मैदान पर मौजूद नहीं थे.

तेंदुलकर आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए वहाँ रवाना हो चुके थे.

सहवाग को एक बार 170 रनों के निजी स्कोर पर जीवन दान मिला जब वेस्टइंडीज़ के कप्तान डैरेन सैमी ने एक्स्ट्रा कवर से दौड़ते हुए सहवाग का कैच गिरा दिया.

सहवाग ने इस पर कहा, "जब सैमी ने मेरा कैच गिराया तो मैंने सोचा भगवान भी मेरे साथ है."

उस पल को याद करता हुए सहवाग ने कहा कि उन्हें लगा कि मानो भगवान उन्हें कह रहा है कि 45वें-46वें ओवर तक बल्लेबाज़ी करो तो 200 रन पूरे हो जाएँगे.

सहवाग ने 41 गेंदों में अर्द्धशतक पूरा किया और अगली 28 गेंदों में उसे शतक में बदल दिया. इसके बाद उन्होंने दोहरा शतक 140 गेंदों में पूरा किया.

सहवाग ने कहा, "इससे पहले जब मैं 47वें ओवर तक खेला था तो मैंने 175 रन बनाए थे मगर इस बार मैंने 200 पूरे कर लिए."

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