बॉक्सिंग डे टेस्ट: उमेश यादव मेलबर्न में चमके

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Image caption ज़हीर ख़ान पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने में माहिर माने जाते हैं और उन्होंने अपनी इस कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया

बॉक्सिंग डे टेस्ट के पहले दिन उतार-चढ़ाव वाले खेल के दौरान भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया पर दबाव बनाने में क़ामयाब रही है.

पहले दिन का खेल ख़त्म होने तक ऑस्ट्रेलिया ने छह विकेट पर 277 रन बना लिए हैं.

दोनों ही टीमों के लिए एक युवा और एक अनुभवी खिलाड़ी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया.

जहाँ ऑस्ट्रेलिया के लिए रिकी पॉंटिंग और पहला मैच खेल रहे एड कॉवन ने अर्धशतक लगाया, वहीं भारतीय टीम के लिए ज़हीर खान और उमेश यादव ने गेंदबाज़ी में छाप छोड़ी.

मेलबर्न टेस्ट से पहले ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क ने कहा था कि उनकी टीम को भारतीय स्विंग गेंदबाज़ी से ख़तरा हो सकता है. पहले दिन के खेल में हुआ भी कुछ ऐसा ही.

टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया लेकिन सुबह से ही मेलबर्न के आसमान पर बादल छाए हुए थे और इसका भारत के तेज़ गेंदबाज़ों ने पूरा फ़ायदा उठाया.

उमेश यादव का अच्छा प्रदर्शन

लंच से पहले ज़हीर ख़ान, ईशांत शर्मा और उमेश यादव तीनों ने ऑस्ट्रेलिया के ऊपरी क्रम पर दबाव बनाया. हालांकि इस सत्र में सफलता सिर्फ़ उमेश यादव को मिली.

यादव ने पहले डेविड वॉर्नर को विकेट के पीछे लपकवाया. इसके तुरंत बाद शॉन मार्श खाता खोले बिना विराट कोहली को कैच थमा बैठे और लंच तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर था दो विकेट पर 68 रन.

लेकिन भोजनावकाश के बाद रिकी पॉंटिंग पुरानी लय में आते दिखे. मैच से पहले पॉंटिंग और माइक हसी को टीम में जगह देने के फ़ैसले पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया में सवाल उठ रहे थे. पॉंटिंग जानते थे कि उनकी पारी न सिर्फ़ टीम के लिए बल्कि ख़ुद उनके करियर के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकती है.

उन्होंने मैदान के चारों तरफ़ शॉट्स लगाए और कॉवन के साथ मिलकर सौ रनों की साझेदारी पूरी की. पॉंटिंग के आत्मविश्वास को देखकर लग रहा था कि वो अपना शतक बनाएंगे. भारतीय कप्तान धोनी ने एक बार फिर गेंद उमेश यादव को थमाई और पोंटिंग 62 के निजी स्कोर पर लक्ष्मण को कैच थमा बैठे.

ज़हीर की स्विंग

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Image caption अच्छी शुरुआत के बाद रिकी पॉंटिंग उमेश यादव की गेंद पर 62 के निजी स्कोर पर लक्ष्मण को कैच थमा बैठे

ज़हीर ख़ान पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने में माहिर माने जाते हैं और उन्होंने अपनी इस कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया. खेल के आख़िरी सत्र में उन्होंने माइकल क्लार्क को आउट किया और अगली ही गेंद पर हसी का विकेट भी अपनी झोली में डाल दिया.

ऑफ़ स्पिनर रविचन्द्रन अश्विन ने कॉवन की धैर्यपूर्ण पारी खत्म की और ऑस्ट्रेलिया का स्कोर छह विकेट पर 214 रन हो गया. कॉवन ने अपनी टीम के लिए सबसे ज़्यादा 68 रन बनाए.

ऑस्ट्रेलिया ने चार बड़े विकेट 46 रनों पर खो दिए थे और इस वक्त भारतीय टीम के पास मेज़बान टीम को पहले ही दिन ऑल आउट करने का मौका था.

लेकिन आख़िरी एक घंटे में ब्रैड हैडिन ने पीटर सिडल के साथ संभलकर बल्लेबाज़ी की और आगे कोई विकेट गिरने नहीं दिया.

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