'टीम प्रतिभाशाली लेकिन वापसी मुश्किल'

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption स्टीव वॉ भारतीय टीम को कमज़ोर नहीं मानते हैं.

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ का मानना है कि मौजूदा सिरीज़ में भारतीय टीम की वापसी बेहद मुश्किल है. वॉ ने कहा कि भारतीय टीम में बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया इस वक्त बेहतर क्रिकेट खेल रही है.

भारत ने 2003-04 की सिरीज़ 1-1 से ड्रॉ की थी और 2007-08 में 2-1 से टीम हारी थी. मौजूदा सिरीज़ में भारतीय टीम 2-0 से पिछड़ रही है. तो क्या ये पिछले दस साल की सबसे कमज़ोर भारतीय टीम है?

वॉ ने कहा, “बिल्कुल नहीं.बल्कि मैं मानता हूं कि ये पिछले दस साल की सबसे मज़बूत भारतीय टीम है. जिस टीम में खिलाड़ियों के टेस्ट रन मिलाकर 50 हज़ार से ज़्यादा हों वो कमज़ोर टीम कैसे हो सकती है. हां ऑस्ट्रेलिया अभी बहुत अच्छी क्रिकेट खेल रही है और भारतीय टीम में प्रतिभा होने के बावजूद इस वक्त वो बढ़िया नहीं खेल रहे हैं ऐसा कह सकते हैं.”

ऑस्ट्रेलिया के सफलतम कप्तानों में से एक स्टीव वॉ ने भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का भी बचाव किया.

ये पूछे जाने पर कि क्या महेंद्र सिंह धोनी क्या रक्षात्मक कप्तानी कर रहे हैं. वॉ ने कहा, “वो हमेशा रक्षात्मक रहे हैं और ऐसी रणनीति से उन्हें सफलता भी मिली है. वैसे उन्हें ऑस्ट्रेलिया की कंडीशन के अनुरूप खेलना होगा और ज़रूरत पड़ने पर अपनी नीति में बदलाव करना होगा और आक्रामक होना पड़ेगा.”

वैसे वॉ ने कहा कि कप्तान धोनी थोड़े डिफेंसिव लग रहे थे और उन्हें आक्रामक होना चाहिए था लेकिन टीम की सफलता में सभी खिलाड़ियों को योगदान देना पड़ेगा.

उन्होंने कहा, “सिर्फ़ कप्तान को अकेले दोष देना सही नहीं है. कोच औऱ बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी देखना होगा. एक कप्तान टीम को कुछ निर्देश ही दे सकता है लेकिन आखिरकार फ़ील्डरों को कैच पकड़ना पड़ेगा, बल्लेबाज़ों को रन बनाना पड़ेगा और गेंदबाज़ों को रन लेना पड़ेगा.”

वॉ मानते हैं कि पूर्व भारतीय कोच गैरी कर्स्टन की सफलता के बाद नए कोच डंकन फ़्लेचर के लिए उसी सफलता को दोहराना मुश्किल काम है.

वैसे वॉ का मानना है कि भारतीय टीम, कप्तान औऱ कोच पर सिरीज़ के बाद ही फ़ैसला सुनाना बेहतर होगा.

उन्होंने कहा, “चीज़ें बहुत जल्दी बदल सकती हैं. पिछले साल इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को बुरी तरह से पीटा था और अब देखिए किस तरह उन्होंने वापसी की है.

वॉ का कहना था कि ये दौरा भारतीय टीम के लिए कैसा रहा इस पर निर्णय सभी चार टेस्ट पूरा होने के बाद लेना चाहिए.

वॉ ने साफ कहा कि अगर भारतीय टीम वापसी नहीं करती है तो ये उनके लिए निराशाजनक रहेगा. लेकिन अगर वो वापसी करते हैं तो टीम की चरित्र और योग्यता का पता चलेगा.

लेकिन क्या भारतीय टीम वापसी कर पाएगी? वॉ का कहना है कि टीम के पास प्रतिभा है लेकिन जिस तरह से वो खेल रहे हैं, ऐसा कर पाना बेहद मुश्किल दिखता है.

संबंधित समाचार