दोनों टीमों के लिए पिच अलग?

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Image caption सचिन को एक बार फिर सौंवा शतक बनाने से रोक लिया टीम आस्ट्रेलिया ने

किसी भी टीम के लिए विपक्षी टीम को पहले दिन ऑल आउट कर देना और फिर उसी दिन बिना कोई विकेट खोए उनके स्कोर की लगभग बराबरी कर देना टेस्ट क्रिकेट का एक आदर्श दिन हो सकता है.

ऐसा दिन जब मैच में कुछ भी गलत नहीं हो.

ऑस्ट्रेलिया के लिए पर्थ टेस्ट का पहला दिन भी ऐसा ही था.

टेस्ट मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीत कर भारत को पहले बल्लेबाज़ी का निमंत्रण दिया और फिर मेहमानों को 161 रनों पर ऑल आउट कर दिया.

उसके बाद डेविड वार्नर के बेहतरीन शतक के ज़रिए ऑस्ट्रेलिया ने दिन खत्म होने तक बिना विकेट खोए 149 रन बना लिए.

पर्थ में भारतीय टीम का साधारण प्रदर्शन बदस्तूर जारी रहा.

ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम और ऑस्ट्रेलियाई टीम अलग अलग विकेट पर बल्लेबाज़ी कर रही थी.

भारतीय पारी के दौरान बल्लेबाज़ लगातार लाइन और लेंथ को नहीं पढ़ पा रहे थे और धोखा खा रहे थे.

तेज़ बल्लेबाज़ी

कई बार गेंद बल्ले के बिल्कुल पास से निकल कर विकेटकीपर के पास गई, छह बार भारतीय बल्लेबाज़ों का किनारा लगा औऱ विकेट के पीछे कैच थमा बैठे औऱ पूरी भारतीय टीम सिर्फ़ 161 पर ऑल आउट हो गई.

लेकिन इसके दस मिनट बाद जब ऑस्ट्रेलिया के ओपनर एड कॉवन और डेविड वार्नर बल्लेबाज़ी करने आए, तो ऐसा लगा कि कहीं विकेट तो बदल नहीं दिया गया?

उन्होंने इतनी आसानी से जो बल्लेबाज़ी की.

विकेट के चारों तरफ़ शॉट्स लगे, गेंदबाज़ों के सर के उपर से छक्के भी लगे और चौकों की तो बात ही मत पूछिए.

ऑस्ट्रेलिया ने ऐसी बल्लेबाज़ी की जैसे वनडे मैच या फिर 20-20 क्रिकेट में की जाती है.

पंद्रह ओवर से पहले ही ऑस्ट्रेलिया ने 100 रन बना लिए थे और दिन का खेल ख़त्म होने तक स्कोर था बिना विकेट खोए 149 रन.

वार्नर 104 रन पर और कॉवन 40 रन पर खेल रहे हैं.

ख़राब फ़ॉर्म

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Image caption डेविड वार्नर इस पारी में सिर्फ़ 69 गेंदों में शतक लगाया

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय बल्लेबाज़ों का ख़राब फ़ॉर्म जारी है.

पर्थ में छह बल्लेबाज़ विकेट के पीछे कैच थमा बैठे. क्या भारतीय बल्लेबाज़ ऑस्ट्रेलिया के पिच पर सही ढंग से अभ्यस्त नहीं हो पाए हैं या फिर क्या उनकी तकनीक में ही कोई कमी है?

पूछे जाने पर भारत की पारी में सबसे ज़्यादा रन (44) बनाने वाले विराट कोहली ने कहा,”ऐसा नहीं है कि हमारी तकनीक में कोई गड़बड़ी है. टेस्ट क्रिकेट में किस्मत भी आपके साथ होना चाहिए जो हमारे पास इस वक्त नहीं हैं. हमने ऐसे मोड़ पर विकेट खोए जिससे मैच फिसल गया. मेरी और लक्ष्मण की अच्छी साझेदारी हो रही थी लेकिन टाय से पहले दो विकेट खोने से हम मुश्किल में पड़ गए.”

वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए डेविड वार्नर ने विस्फोटक बल्लेबाज़ी की और सिर्फ़ 69 गेंदों पर अपना शतक बना डाला.

वार्नर ने अपना शतक विनय कुमार को लॉंग ऑन के उपर छक्का मार कर पूरा किया. टेस्ट मैचों में वार्नर का ये दूसरा शतक है.

वार्नर–ईशांत में टकराव

मैच के दौरान ईशांत शर्मा और डेविड वार्नर के बीच कुछ बातचीत हुई.

इस मैच से पहले दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच छींटाकशी हो रही थी.

संवाददाता सम्मेलन में डेविड वार्नर ने कहा, “ईशांत शर्मा और विराट कोहली ने मुझसे थोड़ी बातचीत की. वो कह रहे थे कि जब आप भारत आएंगे तो आपका औसत खराब हो जाएगा. लेकिन मैनें कहा कि वहां मेरा औसत शायद दस रन ज़्यादा हो जाएगा क्योंकि यहां बैटिंग करना ज़्यादा मुश्किल है. हमें इस तरह की बातचीत अच्छी लगती है. अगर कोई हमें छेड़ता है तो मैं उसका जवाब देने के लिए तैयार हूं.”

वार्नर ने भारत के भविष्य पर भी सवाल उठाया.

वार्नर ने कहा, “जब दो-एक साल में द्रविड़ और तेंदुलकर जैसे बल्लेबाज़ रिटायर होते हैं, तो उसके बाद इन्हीं युवा बल्लेबाज़ों को खेलना है. लेकिन उन्हें भारत के बाहर भी रन बनाने होंगें और हर तरह की परिस्थिति में खेलना होगा.”

मैच के पहले ही दिन भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को ऐसी बढ़त दे दी है कि अब इस मैच को बचाना किसी करिश्मे से कम नहीं लग रहा है.

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