पर्थ के पैंथर

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Image caption उमेश यादव ने पर्थ में अच्छी गेंदबाज़ी करते हुए पांच विंकेट चटकाए.

पर्थ के वाका क्रिकेट ग्राउंड की दर्शकों को बैठाने की क्षमता काफ़ी कम है लेकिन दर्शकों के उत्साह में कोई कमी नहीं है.

पहले दिन डेविड वार्नर के नाबाद शतक के बाद दूसरे दिन स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था.

लोग तरह तरह के पोशाक पहन कर आए थे लेकिन कॉरपोरेट बॉक्स में बैठे एक दल ने सबका ध्यान आकर्षित किया.

पर्थ के क़ानून फ़र्म पैंथर्स द्वारा प्रायोजित दर्शक इस बॉक्स में बैठे थे और उन्होंने भारतीय पोशाक पहन रखी थी.

लाल रंग की शेरवानी और लाल और सुनहरे रंग की पगड़ी बांधे ये सौ के क़रीब दर्शक सबसे अलग नज़र आ रहे थे.

ये सभी लोग ऑस्ट्रेलियाई थे लेकिन भारतीय पोशाक पहने इन्होंने सोचा कि थोड़ा भारतीय टीम का भी समर्थन किया जाए लेकिन जिस तरह से वार्नर खेल रहे थे, भारतीय टीम को चियर करने के लिए ज़्यादा मौक़ा नहीं मिला.

कोच की बात सच हुई

उमेश यादव ने पर्थ में अपने छोट टेस्ट करियर में पहली बार पांच विकेट लिए.

पर्थ से पहले सिडनी में खेले गए मैच में उमेश के कोच ‘सुब्रतो सर’ मैच देखने आए थे.

भारत के पूर्व मध्यम तेज़ गेंदबाज़ सुबर्तो बनर्जी ने 1991 में ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर भारतीय टीम में थे.

पिछले कुछ साल से वो विदर्भ क्रिकेट संघ में बॉलिंग कोच है जहां से उमेश यादव भी खेलते हैं.

बनर्जी ने सिडनी में उमेश के बारे में कहा था कि उन्हें पर्थ में ज़्यादा सफलता मिलेगी क्योंकि वहां उन्हें उछाल मिलेगा.

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Image caption प्रदर्शन ख़राब रहने के बावजूद टीम इंडिया की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है.

कोच की बात सच हुई और उमेश ने पांच विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया है.

नेट्स पर लोकप्रिय टीम इंडिया

भारतीय टीम के नेट्स सेशन पर काफ़ी भीड़ रहती है.

न सिर्फ़ भारतीय फ़ैंस बल्कि ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसक भी कड़ी धूप में घंटो टीम का इंतज़ार करते हैं.

लगभग सभी के हाथों में कैमरा होता है.

एक प्रशंसक से पूछने पर कि वो भारतीय टीम को देखने क्यों आए हैं तो उन्होंने कहा, “भारतीय टीम में कई बेहतरीन बल्लेबाज़ हैं, मैं उनकी वीडियो बना रहा हूं. लेकिन मुझे सबसे ज़्यादा ललक सचिन तेंदुलकर की बैटिंग की वीडियो बनाने की है. वो ब्रैडमैन के बाद सबसे बढ़िया बल्लेबाज़ हैं और उनकी वीडियो जब मेरे बच्चे बड़े हो जाएंगे तो उन्हें दिखाउंगा.”

टीम इंडिया के सीनियर खिलाड़ी अपने करियर की शाम में ज़रूर हैं और ऑस्ट्रेलिया में रन भी नहीं बना रहे हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है.

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