क्या भारत ओलंपिक खेलों की मेज़बानी कर सकता है?

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Image caption दिल्ली में वर्ष 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ था

भारत को उम्मीद थी कि राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी छवि चमकेगी और इससे भी बड़े आयोजनों की मेज़बानी करने का उसे मौक़ा मिलेगा.

लेकिन भारत राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़ी परियोजनाओं को समय पर पूरा भी नहीं कर पाया, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या भारत कभी ओलंपिक खेलों की सफलतापूर्वक मेज़बानी कर सकेगा?

वैसे अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष ज़ाक रोख़े ने भारत में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के समय कहा था कि भविष्य में ओलंपिक के आयोजन की दावेदारी के लिए भारत ने अच्छी नींव रखी है.

लेकिन सवाल उठता है कि जिस मज़बूत नींव की बात रोख़े कर रहे हैं, क्या वो वाकई इतनी मज़बूत है कि ओलंपिक जैसे खेलों के महाकुंभ का भार उठा सकेगी? क्या भारत की सरकार इस बात की गारंटी दे पाएगी कि राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में हुई गड़बड़ी ओलंपिक के मामले में नहीं होगी.

बुनियादी ढाँचा

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Image caption राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे

वर्ष 1984 से वर्ष 2000 तक लगातार पांच ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले ब्रिटेन के मशहूर रोवर्स खिलाड़ी रेडग्रेव ने भी कहा था, "राष्ट्रमंडल खेलों के बाद भारत को अगर महसूस होता है कि उनके पास बुनियादी ढाँचा है तो उन्हें ओलंपिक के लिए दावेदारी करनी चाहिए.''

रेडग्रेव ने कहा था, ''भारत में ओलंपिक होता है तो ये बड़ा मज़ेदार होगा. तब जोश भी ज़्यादा होगा. भारत को खेलों की विरासत आगे बढ़ानी चाहिए और ओलंपिक के लिए दावेदारी करनी चाहिए.''

लापरवाही और ढिलाई

सवाल फिर उठता है कि क्या भारत में ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए बुनियादी ढाँचा मौज़ूद है?

सवाल ये भी उठता है कि क्या ओलंपिक खेलों के आयोजन के लिए भारत की दावेदारी को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति गंभीरता से लेगी क्योंकि राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में बरती गई लापरवाही और ढिलाई किसी से छुपी नहीं है.

भारत में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन विफल होने की दशा में ख़ुशी का इज़हार करने की हसरत जताने वाले कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर क्या ओलंपिक के आयोजन पर अपनी आपत्ति नहीं जताएंगे.

बीजिंग और लंदन का मुक़ाबला

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Image caption बीजिंग ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए चीन की तारीफ़ हुई

वर्ष 2008 के बीजिंग ओलंपिक के लिए 'क्लॉउड सीडिंग' तकनीक से बारिश जल्दी कराने की योजना बनाने वाले चीन ने ओलंपिक खेलों का सफल आयोजन किया.

इस पैमाने से आगे बढ़ते हुए लंदन ने ओलंपिक खेलों के आयोजनों की तैयारी समय से पहले पूरी करके एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया.

लेकिन जो भारत राष्ट्रमंडल खेलों के उद्घाटन तक ज़रूरी निर्माण कार्य पूरा नहीं कर पाया, वो ओलंपिक खेलों के लिए बुनियादी ढाँचा कैसे मुहैया कराएगा?

ये सवाल अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अधिकारियों के दिमाग़ में ज़रूर आएगा.

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