एक होकर नहीं खेल रही है टीम इंडिया: अकरम

वसीम अकरम
Image caption वसीम अकरम मानते हैं कि टीम बिना जंग लड़े हार रही है

ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम के खराब प्रदर्शन पर पहली बार अपनी राय रखते हुए पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम ने इसका सबसे बड़ा कारण टीम इंडिया का एक होकर न खेलना बताया है.

ऑस्ट्रेलिया में भारत ने एक के बाद एक करके तीन टेस्ट मैच गंवा दिया है और चौथे में भी वो हार की कगार पर है, इससे पहले इंग्लैंड में भी भारत को 4-0 से हार मिली थी.

बीबीसी से खास बातचीत में अकरम ने कहा,"वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम के खिलाड़ी टीम की तरह नहीं लग रहे, ग्राउंड में कोई आपस में बात नहीं कर रहा किसी भी खिलाड़ी की बॉडी-लैंग्वेज सकारात्मक नहीं है ऐसा लगता है मानो वे देश नहीं बल्कि खुद के लिए खेल रहे हैं''.

अकरम का कहना है कि 3-0 से हारना शर्म की बात है लेकिन उससे भी ज़्यादा शर्मनाक ये है कि ये टीम बिना कोई लड़ाई लड़े जंग हार रही है.

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम का कहना है कि खराब हालात में कप्तान को टीम का आत्मविश्वास बढ़ाना पड़ता है जो महेंद्र सिंह धोनी नहीं कर पा रहे हैं.

वो कहते हैं"मैच में जब चीज़ें अच्छी जा रही होती है, तो कप्तान को ज़्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं होती लेकिन जब मैच ख़राब चल रहा होता है तो कप्तान को शोर मचाना होता है, कुछ बोलना पड़ता है लेकिन यहां सभी चुपचाप खड़े रहते हैं''.

वसीम फील्ड का नज़रा बयां करते हुए कहते हैं,''यहां हर कोई अपनी सोच रहा होता है, कप्तान गेंद फेंक कर खड़ा है तो खिलाड़ी कमर पर हाथ रखकर खड़े हैं ऐसे में हमें बाहर से ही पता लग जाता है कि आप हारने वाले हैं".

अकरम का मानना है कि टीम में रोहित शर्मा और सुरैश रैना जैसे नए खिलाड़ियों को मौका दिया जाना चाहिए क्योंकि उन्हें भी तैयार होने में कुछ वक्त लगेगा ऐसे में उन्हें टीम में लाने का यही सही समय है.

लक्ष्मण, द्रविड को समझना होगा

अकरम का कहना है कि लक्ष्मण और द्रविड़ जैसे सीनियर खिलाड़ियो को टीम में अपनी ज़रूरत खुद समझनी होगी. उन्होंने कहा कि लक्ष्मण भारत के महान बल्लेबाज़ हैं और बीस साल से लगातार खेल रहे हैं लेकिन कोई भी खिलाड़ी हमेशा एक जैसा नहीं खेल सकता ये बात उन्हें समझनी होगी.

राहुल द्रविड़ पिछले 11 पारियों में नौ बार बोल्ड आउट हुए हैं और अकरम की माने तो ये कहीं ना कहीं बढ़ती उम्र का असर है.

अकरम कहते हैं "इस दीवार में छेद अभी हुए हैं, इंग्लैंड में उन्होंने तीन शतक लगाए थे लेकिन वे यहां फॉर्म में नहीं चल रहे हैं. अब वे 38 साल के हो चुके हैं ऐसे में तक़नीक में भी कोई न कोई कमी तो आ ही जाएगी, वे इस बार ऑस्ट्रेलियाई पिचों के बाउंस को नहीं समझ पा रहे हैं."

सचिन पर दबाव

अकरम मानते हैं कि सीरीज़ में बढ़िया बल्लेबाज़ी करने के बावजूद सचिन पर भी सौ शतक का दबाव भारी पड़ रहा है. उनके शब्दों में कहे तो "सचिन पर सौ सेंचुरी का दबाव तो है ही अगर वो नहीं भी लें तो प्रेस दे जाती है लेकिन मैं यह भी मानता हूं की टीम बड़ी है और अगर टीम इंडिया जीतेगी तो रिकार्ड भी अपने आप बनेंगे."

बांए हाथ के महानतम तेज़ गेंदबाज़ माने जाने वाले वसीम अक़रम चाहते हैं कि बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर खान अपना फिटनेस सुधारें उनके मुताबिक वो सबसे बढ़िया खेल दिखा रहे हैं और उन्होंने ये साबित कर दिया है कि विकेट लेने के लिए पेस होना ज़रूरी नहीं है स्विंग से भी काम चल सकता है.

वसीम अकरम ने ईशांत शर्मा के लिए कड़े शब्दों में कहा "वेस्टइंडी़ज़ में इशांत ने 16 की औसत से 22 विकेट लिए थे उसके बाद के 11 मैचों में उन्होंने 70 के औसत से विकेट लिए हैं वो स्कोर नहीं रोक पा रहे हैं, ऐसे में मार तो पड़ेगी ही इसलिए उन्हें यॉर्कर गेंद के लिए भी नेट्स पर काफ़ी प्रैक्टिस करनी पड़ेगी."

अकरम उमेश यादव को काफ़ी प्रतिभाशाली खिलाड़ी मानते हैं लेकिन ये भी कहते हैं कि मैदान पर उनका हौसला बढ़ाए जाने की ज़रूरत है. वे कहते हैं,''उसे मैदान में सचिन के अलावा बताने वाला कोई नहीं है. वे सिर्फ़ सचिन से बात करते हैं, उनमें टैलेंट हैं लेकिन वो भटक रहे हैं. मेरे समय में मुझसे इमरान ख़ान और जावेद मिंयादाद बात करते थे, वो पूछते थे कि मैं क्या करना चाह रहा हूं और पूरी छूट देते थे लेकिन उमेश को ऐसा कहने वाला कोई नहीं दिखता ना उनके आत्मविश्वास को यहां कोई बढ़ावा दे रहा है''

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