फ़ुटबॉल चला क्रिकेट की राह

इमेज कॉपीरइट PA
Image caption आयोजकों को उम्मीद है कि प्रीमियर लीग सॉकर से फ़ुटबाल के खेल में दिलचस्पी बढे़गी.

भारत के पूर्वी शहर कोलकाता में क्रिकेट के सफ़ल हुए आईपीएल की तर्ज़ पर एक फ़ुटबॉल टूर्नामेंट प्रीमियर लीग की शुरूआत की जा रही है जिसमें खेलने के लिए फ़ुटबॉल के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के नामों की बोली लगेगी.

वर्ष 2006 में इटली को विश्व कप जिताने वाली टीम के कप्तान फ़ेबियो केनावेरो भी इन खिलाड़ियों सूची में शामिल हैं.

फ़ुटबॉल के जिन अन्य नामी खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने के लिए उनके नामों की बोली लगाई जाएगी, उनमें फ़्रांस के रॉबर्ट पायर्स और नाइजीरिया के जेजे ओकोचा शामिल हैं.

इस टूर्नामेंट के लिए कुल छह टीमें बनाई जाएंगी और हर एक टीम का मुक़ाबला दूसरी टीम से होगा.

आयोजकों को उम्मीद है कि कोलकाता में इस टूर्नामेंट का अच्छा आयोजन होगा.

बीते साल कोलकाता में भारत का पहला अंतराष्ट्रीय फ़ुटबॉल मैच खेला गया. इस मैत्रीपूर्ण मुक़ाबले में अर्जेंटीना ने वेनेज़ुएला को 1-0 से शिकस्त दी थी.

क्रिकेट की राह पर फ़ुटबॉल

Image caption भारत में फ़िलहाल फ़ुटबॉल उतना लोकप्रिय नहीं है जितना क्रिकेट

अगले महीने शुरू होने वाली प्रीमियर लीग सॉकर के आयोजकों को उम्मीद है कि ये आयोजन इंडियन प्रीमियर लीग की तरह सफल होगा.

इंडियन प्रीमियर लीग ने दुनियाभर के क्रिकेट खिलाड़ियों को अपनी ओर आकर्षित किया था.

आयोजकों को ये भी उम्मीद है कि प्रीमियर लीग सॉकर के आयोजन से भारत में फ़ुटबाल के खेल को बढ़ावा मिलेगा. फ़ुटबॉल खेलने वाले दुनिया के 203 देशों की सूची में भारत 158वें पायदान पर है.

कोलकाता स्थित बीबीसी संवाददाता राहुल टंडन का कहना है कि सोमवार को होने वाली नीलामी में 20 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और पांच विदेशी कोच शामिल होंगे.

आयोजकों में से एक भास्वर गोस्वामी ने बीबीसी को बताया, ''ये पहला मौक़ा होगा जब फ़ुटबॉल के खिलाड़ियों की बोली लगेगी. मैं समझता हूं कि ये भारतीय फ़ुटबॉल के लिए अहम मोड़ है. मुझे पूरा भरोसा है कि प्रीमियर लीग सॉकर भारतीय फ़ुटबॉल को एक नए रास्ते पर ले जाएगी.''

आलोचना के स्वर

लेकिन आलोचकों का कहना है कि इस आयोजन पर पैसा बहाने की बजाए फ़ुटबॉल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए धन ख़र्च किया जाना चाहिए था.

आलोचकों ने ये सवाल भी उठाया है कि क्या फ़ुटबॉल भारत में अरबों डॉलर के क़ारोबार वाले क्रिकेट खेल को चुनौती दे भी पाएगा. वैसे भारत में फ़ुटबॉल लगभग 200 साल से खेला जा रहा है.

मेक्सिको में वर्ष 1986 में आयोजित फ़ुटबॉल विश्व कप में मराडोना को हीरो बना दिया था जिसके बाद उनके प्रशंसकों की एक पूरी पीढ़ी तैयार हो गई.

भारत की एक कंपनी वेंकी के पास प्रीमियरशिप क्लब ब्लेकबर्न रोवर्स का मालिक़ाना हक़ है. वहीं लिवरपूल तो दिल्ली में फ़ुटबॉल के लिए बाक़ायदा एक अकादमी की स्थापना करने जा रहा है.

मैनचेस्टर यूनाइटेड के मुख्य कार्यकारी डेविड गिल ने ख़ुलेआम कहा है कि उनकी टीम भारत के बाज़ार में सेंध लगाने की इच्छा रखती है.

संबंधित समाचार