क्रिकेट के जांबाज़ युवराज की कैंसर से जंग

Image caption ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट ली की गेंद पर युवराज ने सबसे लम्बा छक्का जड़ा था

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी युवराज सिंह कैंसर से जूझ रहे हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार युवराज सिंह इस समय अपने इलाज के लिए अमरीका में हैं.

इससे पहले युवराज के परिवार ने उनके फेफड़े में ट्यूमर होने की पुष्टि की थी. लेकिन अब जांच में इसे घातक पाया गया है और युवराज इस समय अमरीका के शहर बोस्टन में कैंसर अनुसंधान संस्थान में कीमोथेरेपी करा रहे हैं.

उनके फ़िज़ियो डॉ जतिन चौधरी ने हालाकि यक़ीन दिलाया है कि इसे इलाज से ठीक किया जा सकता है और युवराज मई में क्रिकेट खेलने के लिए फ़िट हो जाएंगें.

पीटीआई के अनुसार युवराज की मां शबनम सिंह से संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि उनके पिता योगराज सिंह ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

कीमोथेरेपी जारी

युवराज के फ़िज़ियो डॉक्टर जतिन चौधरी ने कहा, ‘‘यह असामान्य ट्यूमर है और कैंसरस भी है. लेकिन इसका पता पहले चरण में ही लगा लिया गया है. डॉक्टरों को फ़ैसला करना था कि वे दवाई जारी रखें या फिर कीमोथेरेपी कराएं. लेकिन ट्यूमर का हिस्सा उनके दिल की धमनी के ऊपर था, तो इसमें ख़तरा था, क्योंकि यह फट सकता था. लेकिन इसका पूरी तरह से उपचार किया जा सकता है."

चौधरी ने कहा, ‘‘डॉक्टरों ने फ़ैसला किया कि उन्हें कीमोथेरेपी करानी पड़ेगी और वह(युवराज) 26 जनवरी को अमरीका चले गए. मार्च के अंत में उनका सीटी स्कैन होगा और तब तक उन्हें उबर जाना चाहिए. इसके बाद अप्रैल में रिहैबिलिटेशन होगा और वह मई तक खेलने के लिए फ़िट हो जाएंगें.’’

समाचार एजेंसी के अनुसार इस बीमारी के इलाज के लिये युवराज आयुर्वेदिक दवाईयां भी ले रहे हैं.

डॉक्टर जतिन चौधरी ने कहा, ‘‘आयुर्वेदिक उपचार के बाद कीमोथेरेपी के केवल तीन चरण ज़रूरी हैं. शुरू में जब अक्तूबर के अंत में बायोप्सी के बाद कैंसर का पता चला, तो डॉक्टरों को डर था कि उपचार में कीमोथेरेपी के छह चरण कराए जाएंगे.''

चौधरी ने आगे कहा, ‘‘शुक्र है कि सर्जरी की ज़रूरत नहीं पड़ी. वह पहले से काफ़ी बेहतर हैं और जल्द से जल्द क्रिकेट मैदान पर वापसी करना चाहते हैं.’’

उन्होंने कहा कि भारत के अस्पतालों में ग़लत जांच के कारण कैंसर का पता चलने में देरी हुई.

उन्होंने कहा, ‘‘पहली बायोप्सी रिपोर्ट उनकी कार से चोरी हो गई और अस्पताल, मैं नाम नहीं बताना चाहूंगा, की दूसरी रिपोर्ट में सही जांच नहीं हुई.’’

चौधरी ने कहा, ‘‘रूसी डॉक्टर की जांच में कैंसर का पता चला और अमरीका में डॉक्टरों से सलाह के बाद फ़ैसला किया गया कि युवराज की कीमोथेरेपी कराई जाएगी.’’

धमाकेदार ख़िलाड़ी

पिछले साल विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट' चुना गया था.

विश्व कप मैचों में उन्होंने 362 रन बनाए थे और 15 विकेट लिए थे. पूरे टूर्नामेंट के दौरान उन्हें चार बार मैच 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया था.

और ये कहना ग़लत नहीं होगा कि भारत के विश्व कप जीतने में शायद सबसे बड़ा योगदान युवराज का ही था.

युवराज ने अब तक 37 टेस्ट मैच में 34.80 की औसत से 1775 रन बनाए हैं.

जबकि उन्होंने 274 वनडे मैच में 37.62 की औसत से 8051 रन जोड़े हैं. वहीं 23 ट्वेंटी-20 मैचों में उनके नाम 567 रन हैं.

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