स्पॉट-फ़िक्सिंग के मुकदमें में उछला कनेरिया का नाम

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Image caption दानिश कनेरिया को साल 2010 में गिरफ़्तार भी किया गया था लेकिन बाद में बिना आरोप निर्धारित किए छोड़ दिया गया था.

पाकिस्तानी स्पिनर दानिश कनेरिया का नाम इंग्लैंड में एक पूर्व काउंटी क्रिकेट खिलाड़ी के विरुद्ध मुकदमें के दौरान स्पॉट-फ़िक्सिंग के सिलसिले में सामने आया है.

इसैक्स के गेंदबाज़ मर्विन वेस्टफ़ील्ड ने स्पॉट-फ़िक्सिंग की बात मानी थी जिसके बाद उन्हें शुक्रवार को चार महीने की सज़ा सुनाई गई है.

लेकिन वेस्टफ़ील्ड ने अदालत को बताया है कि दानिश कनेरिया ने उनसे स्पॉट-फ़िक्सिंग के लिए संपर्क किया था.

वेस्टफ़ील्ड ने बताया कि कनेरिया ने उनसे कहा था कि अगर वे एक ओवर निश्चित रन देंगे तो उन्हें पैसे मिलेंगे.

कनेरिया को इस केस के लिए साल 2010 में गिरफ़्तार किया गया था लेकिन बाद में उन्हें बिना कोई आरोप दायर छोड़ दिया गया था.

मर्विन वेस्टफ़ील्ड ने पांच सितंबर 2009 को एक मैच के दौरान स्पॉट-फ़िक्सिंग करने के लिए भ्रष्ट धनराशि स्वीकार करने की बात मानी थी.

उन्होंने अदालत को बताया कि छह हज़ार पाउंड यानि क़रीब चार लाख 68 हज़ार रुपए के बदले उन्होंने डरहम के साथ एक मैच के एक ओवर पहले से निर्धारित बनने दिए थे.

इंग्लैंड में स्पॉट-फ़िक्सिंग के दोषी पाए जाने वाले वेस्टफ़ील्ड पहले खिलाड़ी हैं.

दानिश कनेरिया ने पाकिस्ता के लिए 61 टेस्ट मैच खेले हैं जिनमें उन्होंने 261 विकेट झटके हैं. उन्होंने 18 एक दिवसीय मैच भी खेले हैं जिनमें कनेरिया ने 15 विकेट लिए हैं.

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