'सपने देखना मत छोड़िए'

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Image caption सचिन के सौंवे शतक का इंतज़ार भारत के लाखों लोग कर रहे थे

शतकों का शतक बनाने के बाद क्रिकेट की दुनिया के बेताज बादशाह सचिन तेंदुलकर ने कहा कि वो शतकों के शतक के बारे में सोच नहीं रहे थे.

शतक बनाने के बाद निजी टीवी चैनल नियो क्रिकेट से मैदान के ठीक बाहर बातचीत करते हुए सचिन खुश थे.

उन्होंने माना कि दबाव बहुत था और उन्होंने टीम को ध्यान में रखकर ही सब किया है.

उन्होंने कहा, ‘‘ कोई सीज़न शुरु होता है तो तैयारी करते हैं. मैं अच्छा खेल रहा था. ऑस्ट्रेलिया में भी मैंने कुछ अच्छी पारियां खेलीं लेकिन तब किसी ने कुछ नहीं कहा.’’

सचिन ने कहा, ‘‘ इसके बाद सब मीडिया ने शुरु किया तो हर व्यक्ति को मुझसे उम्मीद होने लगी. होटलो में रुम सर्विस से लेकर बेयरे तक. जहां मैं जाता था लोग बस शतक की ही बात करते थे. एक दो बार मैं नब्बे के स्कोर पर भी आउट हुआ हूं.’’

तो क्या उनके मन में रिकार्ड चल रहा था, उन्होंने कहा, ‘‘ नहीं, मेरे दिमाग में ये बिल्कुल नहीं चल रहा था. आप अपना खेल खेलते हैं लेकिन हां दबाव तो बन ही जाता है.’’

वो क्रिकेट खेलने वालों को क्या संदेश देंगे, सचिन ने कहा, ‘‘ enjoy the game and chase your dreams यानी अपने खेल से मज़ा लीजिए और अपने सपनों का पीछा करना मत छोड़िए.’’

शायद यही मंत्र सचिन की उपलब्धियों और कामयाबी का राज है जो उन्हें क्रिकेट का बेताज बादशाह बनाता है.

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