युवराज सिंह: टीम इंडिया के लिए खेलने का इंतज़ार

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युवराज सिंह ने कहा है कि वो अब स्वस्थ हैं और जल्द ही उनका स्वस्थ सामान्य हो जाएगा. उन्होंने कहा है कि वो एक बार फिर टीम इंडिया के लिए खेलने का इंतज़ार कर रहे हैं.

पिछले साल भारतीय क्रिकेट टीम के विश्व कप जीतने की पहली बरसी पर कैंसर से ईलाज के बाद स्वस्थ लाभ कर रहे युवराज सिंह ने कहा है कि सचिन तेंदुलकर उनके प्रेरणास्रोत हैं.

पिछले साल दो अप्रैल को भारत ने एक दिवसीय क्रिकेट के विश्व कप पर 28 साल बाद दोबारा कब्ज़ा किया था.

अपने ट्विटर एकांउट पर जारी एक वीडियो में युवराज सिंह ने कहा है कि वो विश्व कप से पहले अच्छी फॉर्म में नहीं थे लेकिन सचिन तेंदुलकर ने उनकी हिम्मत बढ़ाई थी.

आपको बता दें कि युवराज विश्व कप में इतना अच्छा खेले थे कि उन्हें मैन ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब दिया गया था.

सचिन हैं प्रेरणास्रोत

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Image caption युवराज, "सचिन ने मुझे बताया कि जब टीम को तुम्हारी सबसे ज़्यादा ज़रुरत होगी, तब तुम सबसे बढ़िया खेलोगे. सचिन मेरे प्रेरणास्रोत हैं. "

युवराज सिंह ने ट्विटर के ज़रिए जारी वीडियो में कहा, “मुझे उम्मीद नहीं थी कि मैं इतना अच्छा खेलूंगा. मेरी फॉर्म अच्छी नहीं थी. मुश्किल समय में मैंने सचिन से अपनी बैटिंग और फिटनेस के बारे में बात की. सचिन ने मुझे बताया कि जब टीम को तुम्हारी सबसे ज़्यादा ज़रुरत होगी, तब तुम सबसे बढ़िया खेलोगे. ये एक अदभुत विचार था, जो अब भी मेरे साथ है. ”

युवराज सिंह ने कहा कि उनके पास सचिन तेंदुलकर की एक तस्वीर है जिसे वो विश्व कप के दौरान अपने लॉकर में रखते थे, और हर बार बैटिंग करने उतरने से पहले उसे निहारते थे. उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर उनके प्रेरणास्रोत हैं.

युवराज सिंह ने ये भी कहा कि विश्वकप से पहले बांग्लादेश में भारतीय टीम के तेज़ गेंदबाज़ ज़हीर खान ने उन्हें बताया था कि वे विश्व में कुछ खास करेंगे. उस दौरान युवराज की कलाई में चोट लगी थी और वे ख़राब फॉर्म से जूझ रहे थे.

यादगार लम्हा

Image caption युवराज सिंह कहते हैं, "मुझे तो सिर्फ वानखेडे़ स्टेडियम में हर तरफ तिरंगे का लहराना याद है...हमारे लिए यही सब कुछ था, विशेषकर हमें ये सचिन के लिए करना था... "

युवराज कहते हैं कि विश्व कप जीतना एक यादगार लम्हा है.

ट्विटर पर जारी वीडियो में युवराज कहते हैं, “मुझे तो सिर्फ वानखेडे़ स्टेडियम में हर तरफ तिरंगे का लहराना याद है. ये एक भारतीय सपने का पूरा होने जैसा था. विश्व कप जीतना एक महान लम्हा था क्योंकि हमारे लिए यही सब कुछ था, विशेषकर हमें ये सचिन के लिए करना था. ये जीत सभी भारतीयों के लिए बहुत ही ख़ास है और हमेशा हमारे दिलों में रहेगी. ”

विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद युवराज सिंह को मुश्किल दौर से गुज़रना पड़ा है.

वर्ल्ड कप के बाद उन्हें डॉक्टरों ने बताया कि उनके फेफड़े में एक ट्यूमर है जोकि कैंसर की किस्म की वजह से है. उसके बाद युवराज इलाज के लिए अमरीका गए.

कैंसर से जंग

Image caption युवराज सिंह, "ये एक मुश्किल सफर रहा है लेकिन मैं खुश हूं कि शुरूआती स्टेज में ही कैंसर का पता चल गया और मेरा इलाज हो सका. "

उन्हें 18 मार्च को कैमोथेरापी के तीन स्तरों से गुजरने के बाद अमरीकी अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है.

विश्व कप में जीत को याद करते हुए युवराज कहते हैं, “ जीत ने सबकी ज़िंदगी बदल दी. मुझे उम्मीद नहीं थी कि विश्व कप के बाद मेरे साथ ऐसा होगा लेकिन जीवन कुछ ऐसा ही है. ”

कैंसर से जूझने के बारे में युवराज कहते हैं, “जब मैं अपने करियर के चरम पर था तो पता चला कि मुझे कैंसर है लेकिन अब मेरा इलाज हो गया है और मैं ठीक हूं. ये एक मुश्किल सफर रहा है लेकिन मैं खुश हूं कि शुरूआती स्टेज में ही कैंसर का पता चल गया और मेरा इलाज हो सका. अब मैं एक आम आदमी की तरह जीवन जीना चाहता हूं. ”

युवराज ने अपने प्रशंसकों का भी धन्यवाद किया.

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