आईपीएल: खेल या मनोरंजन?

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Image caption आईपीएल में सभी चीजों को पैसे से तोला जाता है.

साल 2008 में अबू धाबी यूनाइटेड ग्रुप ने मैनचेस्टर सिटी क्लब को 33 करोड़ डॉलर में खरीदा और प्रीमियर लीग फुटबॉल के सौ साल पुराने और ऐतिबासिक क्लब को हासिल किया.

वर्ष 2010 में सहारा इंडिया ने 37 करोड़ डॉलर में पुणे वारियर्स की टीम को खरीदा, एक ऐसी टीम जिसका पहले अस्तित्व ही नहीं था. ये एक ऐसी लीग के लिए था जो सिर्फ तीन साल पुराना था.

यही एक तथ्य है जो इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को संदर्भ से इतनी दूर ले जाता है. आईपीएल में तो ऐसा लगता है कि चीज़ों को सिर्फ पैसे में तौलकर उसे मान्यता दे दी जाती है. फिर चाहे वो खिलाड़ियों को मिलने वाला पैसा हो या टीम की कीमत.

हम कैसे कहें कि रवींद्र जडेजा का मूल्य 20 लाख डॉलर है? क्योंकि चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें इतनी बड़ी क़ीमत देकर खरीदा है. क्या ये सही है? लोग कैसे ये कीमत तय करते हैं.

स्कैंडल बिकता है

तमाम विरोधाभासों के बावजूद आईपीएल ने चार साल किसी तरह निकाल लिए हैं.

कोर्ट के केस, एक केंद्रीय मंत्री का त्यागपत्र, कमिश्नर ललित मोदी को बाहर करना, कमेंटेटरों का अपनी बात में विज्ञापनों को सम्मिहित करना ये सब एक ऐसी व्यवस्था को एक छत के नीचे लेकर आई जिसे अमिताभ घोष क्रिपोलिवुड कहते हैं - यानी क्रिकेट, पॉलिटक्स और बॉलिवुड का मिला जुला स्वरूप.

आईपीएल के लिए स्कैंडल हमेशा मददगार रहा है.

इससे लोगों के नजरों में रहने में मदद मिलती है. वित्तीय अपारदर्शिता, चापलूसों को बढ़ावा देना, लोगों की भावनाओं की कद्र न करना ये सब आईपीएल का तौर तरीका है.

बीसीसीआई का अध्यक्ष एक टीम का मालिक भी है और बोर्ड का प्रमुख चयनकर्ता उस टीम का ब्रांड एंबैंसेडर भी है.

खेल या मनोरंजन

इस टूर्नामेंट ने छोटे मोटे खिलाड़ियों को भी बहुत बड़ा बना दिया है. इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण ये कि इसने उन्हें वित्तीय सुरक्षा भी दी है.

इसके लिए सिर्फ ये जान लीजिए कि रवींद्र जडेजा के पिता एक सुरक्षा गार्ड थे. उमेश यादव के पिता कोयले के खदान में काम करते थे और उमेश खुद एक पुलिस अधिकारी बनने का सपना रखते थे.

मुंबई के इकबाल अब्दुल्ला के पिता सब्जी बेचते थे लेकिन अब वो कीमती यॉट खरीद सकने के काबिल हैं.

आईपीएल ने ऐसे खिलाड़ियों को वित्तीय सुरक्षा दी है और बेहिसाब पैसा भी.

लेकिन इन सबके बावजूद ये तय नहीं है कि आईपीअल खेल है या मनोरंजन.

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