कोलकाता की दुविधा: दादा या टीम?

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कोलकाता में इन दिनों क्रिकेट का बुखार सबके सर चढ़ कर बोल रहा है. आईपीएल में शनिवार को यहां ईडेन गार्डेन में कोलकाता नाइट राइडर्स और पुणे वारियर्स इंडियन के बीच मुकाबला होने वाला है जिसने कोलकाता वासियों को भी एक अजीब पशोपेश में डाल दिया है.

दुविधा ये है कि शहर के क्रिकेट प्रेमी आखिर किस टीम का साथ दे? एक तरफ तो उनकी अपनी टीम कोलकाता नाइटराइडर्स है जो बढ़िया खेल रही है. लेकिन दूसरी तरफ खड़े हैं कोलकाता के दिल पर राज करने वाले हीरो सौरव गांगुली.

शाहरूख खान ने अपनी टीम नाइटराइडर्स में सौरव गांगुली को जगह नहीं दी तो दादा पुणे चले गए. इस मैच को सौरव बनाम शाहरुख या बदला लेने वाला मैच करार दिया जा रहा है. कोलकाता के लोगों को आईपीएल का पांचवां संस्करण शुरू होने के समय से ही इस मैच का इंतजार था.

करीब महीने भर के इंतजार के बाद अब जब वह घड़ी करीब आ गई है, लोगों का जुनून चरम सीमा पर पहुंच गया है. इस जुनून को ध्यान में रखते हुए ही आयोजकों ने स्टेडियम के आसपास के इलाकों, कोलकाता के प्रमुख चौराहों और पड़ोसी हावड़ा जिले में 12 विशालकाय परदों पर उस मैच को दिखाने का फैसला किया है.

लेकिन कोलकाता का मौसम सबसे बड़ा खलनायक साबित हो सकता है. पिछले दो दिनों से भारी बारिश हुई है और मौसम विभाग ने शनिवार को भी भारी बारिश की भविष्यवाणी की है.

टिकटों की भारी मांग

आखिर दर्शकों के इस उत्साह की वजह क्या है? इसकी वजह है कि पुणे टीम की कमान पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली के हाथों में है. इसलिए पहली बार कोलकाता के घरेलू दर्शक अपनी घरेलू टीम नाइट राइडर्स की बजाय अपने दादा के समर्थन में खड़े हैं.

विपक्षी टीम के कप्तान के तौर पर गांगुली पहली बार अपने घरेलू मैदान ईडेन में उतरेंगे. दादा के प्रति दीवानगी की हद तक उमड़ने वाले इस जुनून ने घरेलू और बाहरी टीम की परिभाषा उलट दी है.

दर्शकों की दीवानगी का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस मैच के लिए टिकटों की बिक्री रविवार को शुरू हुई थी. उसके लिए दूर-दराज से आए प्रशंसक शनिवार की रात से ही ईडेन के सामने मीलों लंबी कतार में खड़े रहे.

सुबह जब घंटे भर में ही तमाम टिकटें बिक गईं तो उनका गुस्सा फूट पड़ा. नाराज प्रशंसकों को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.

बाद में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) ने सोमवार को और दो हजार टिकटें मुहैया कराईं. आईपीएल के किसी मैच के टिकटों के लिए इतनी लंबी कतार पहले कभी नहीं लगी थी.

दर्शक दादा के साथ

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Image caption कोलकाता के दर्शक गांगुली का साथ दे सकते हैं.

पूरी रात कतार में खड़े होने के बाद हाथ में टिकट लेकर खड़े दिलीप पाल और उनके दोस्त मनोज भद्र उन टिकटों को ऐसे दिखा रहे थे मानो कोई बड़ा पदक जीत लिया हो.

आसनसोल से आए दिलीप कहते हैं, "यह मैच तो मुझे किसी भी कीमत पर देखना था. आखिर यह दादा बनाम शाहरुख खान का मुकाबला है. मुझे उम्मीद है कि दादा अपने घरेलू मैदान पर नाइट राइडर्स को पटखनी देकर अपने अपमान का बदला लेंगे."

दिलीप के दोस्त मनोज कहते हैं, "शनिवार के मैच में तो पुणे की टीम घरेलू होगी और नाइट राइडर्स की बाहरी. हमारा समर्थन दादा की टीम को ही होगा."

मैच में आप किसका समर्थन करेंगी? इस सवाल पर सौरव की पत्नी डोना गांगुली कहती हैं, "यह भी कोई पूछने की बात है. मैं ही नहीं, बल्कि कोलकाता के तमाम लोग पुणे की जीत की दुआ मांग रहे हैं. स्टेडियम में भी हम पुणे का समर्थन करेंगे."

कालेबाजार में लोग मैच के टिकट के लिए मुंहमांगी कीमत देने को तैयार हैं. लेकिन तमाम टिकटें ऐसे गायब हैं जैसे गधे के सिर से सींग.

सिलीगुड़ी से आए अनिकेत दत्त पिछले दो दिनों से टिकट के लिए परेशान हैं. वे किसी भी गैलरी में एक टिकट के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं.

दत्त कहते हैं, "क्या आप कहीं से किसी पास का जुगाड़ कर सकते हैं? मैं इसके लिए पैसे दे सकता हूं. टिकट नहीं मिला तो मन मसोस कर टीवी पर ही मैच देखना होगा."

फरमान

आईपीएल के इतिहास में पहली बार आयोजकों ने स्टेडियम के बाहर और महानगर के प्रमुख इलाकों में 12 बड़े परदे लगा कर मैच दिखाने का फैसला किया है.

वैसे, कानून और व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के डर से पुलिस ने अब तक इसकी अनुमति नहीं दी है. लेकिन आयोजकों को अनुमति मिलने की उम्मीद है.

सीएबी के संयुक्त सचिव विश्वरूप डे कहते हैं, "घर में तो लोग टीवी पर मैच देख सकते हैं. लेकिन जो लोग किसी वजह से बाहर निकलेंगे, वे भी इन परदों पर मैच का सीधा प्रसारण देख सकते हैं. पहली बार किसी मैच को लेकर दर्शकों का ऐसा जुनून देखने को मिल रहा है."

डे बताते हैं कि शनिवार के मैच के दौरान किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्टेडियम के आसपास और पुलिसवालों को तैनात किया जाएगा. इसके अलावा दोनों टीमों के खिलाड़ियों की सुरक्षा भी बढ़ाई जा रही है.

इस अहम आईपीएल मुकाबले से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स प्रबंधन ने टीम के खिलाड़ियों पर मीडिया से बातचीत करने पर पाबंदी लगा दी है.

नाइट राइडर्स के बांग्लादेशी खिलाड़ी साकिब अल हसन ने कहा, "हम प्रबंधन की ओर से तय नियमों का पालन कर रहे हैं."

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Image caption मैच को शाहरूख बनाम सौरव भी माना जा रहा है.

टीम प्रबंधन ने बुधवार की रात टीम के होटल में आयोजित पार्टी में भी मीडिया को आने की अनुमति नहीं दी, जबकि उस कार्यक्रम के लिए पत्रकारों को भी आमंत्रित किया गया था.

मौसम बन सकता है खलनायक

कोलकाता का मौसम इस उत्साह और जुनून पर पानी फेर सकता है. पिछले दो दिनों के दौरान काफी बारिश हुई है. बीती रात की बारिश के बाद स्टेडियम में पानी भर गया था.

मौसम विभाग ने शनिवार को भी बारिश का अंदेशा जताया है. ईडेन में आईपीएल के दो मैच बारिश की वजह से रद्द या प्रभावित हो चुके हैं.

सीएबी प्रमुख जगमोहन डालमिया से जब पत्रकारों ने सवाल किया कि आप किसकी ओर रहेंगे तो उनका कहना था कि उनकी सबसे बड़ी चिंता तो मौसम को लेकर है. कहीं बारिश इस उत्साह पर पानी नहीं फेर दे. मैच पूरा हो जाए, यही मेरी सबसे बड़ी चिंता है.

डालमिया कहते हैं, "बारिश के खतरे को देखते हुए पहले मैच का ठीकठाक आयोजन तो हो. समर्थन पर बाद में सोचेंगे."

वैसे, बारिश हो या नहीं, एक बात तो तय है. कोलकाता के दर्शकों का जुनून किसी भी हालत में उनको स्टेडियम तक खींच ले जाएगा.

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