देश के लिए पदक जीतना चाहती हैं मेरी कॉम

मेरी कोम
Image caption मेरी कोम को अभी क्वालिफाइंग राउंड में हिस्सा लेना है

पहली बार ओलंपिक में महिला मुक्केबाजी को शामिल किया जा रहा है और इस प्रतियोगिता में भारत की मेरी कॉम को स्वर्ण पदक का दावेदार माना जा रहा है.

लेकिन पाँच बार की विश्व चैम्पियन मेरी कॉम को अभी क्वालिफाइंग राउंड से गुजरना है. इसके बाद ही लंदन ओलंपिक में खेलना और फिर भारत के लिए पदक जीतने का उनका सपना साकार हो पाएगा.

बीबीसी के साथ विशेष बातचीत में मेरी कॉम ने कहा कि उनकी तैयारी अच्छी चल रही है और उन्हें पूरा भरोसा है कि वे लंदन ओलंपिक के लिए जरूर क्वालिफाई करेंगी.

मेरी कॉम ने कहा, "खेल मंत्रालय और मेरे प्रायोजकों ने मेरी काफी मदद की है. मेरी ट्रेनिंग काफी अच्छी चल रही है. क्वालिफाइंग राउंड में मुझे गोल्ड लेने के लिए पाँच दौर खेलना पड़ेगा. सारा देश मेरा समर्थन कर रहा है, तो मुझे लगता है कि मैं इसमें अच्छा प्रदर्शन करूँगी."

उम्मीद

हालाँकि मेरी कॉम को इसका मलाल है कि क्वालिफाइंग प्रतियोगिता देर से हो रही है. एक ओर जहाँ करीब-करीब लंदन ओलंपिक के लिए हर खिलाड़ी के नाम तय है, उन्हें अभी क्वालिफाइंग राउंड की तैयारी करनी पड़ रही है.

उन्होंने कहा, "मेरे हाथ में तो कुछ भी नहीं हैं. ये तो अंतरराष्ट्री बॉक्सिंग एसोसिएशन के हाथ में है. क्वालिफाइंग दौर में देरी के बारे में मुझे ज्यादा पता नहीं है."

मेरी कॉम ये भी मानती हैं कि देश के लिए पदक जीतने की उम्मीद में खिलाड़ियों पर दबाव बनता है और वे भी इसका दबाव महसूस कर रही हैं.

उन्होंने कहा, "दबाव तो है, लेकिन इसके बावजूद मैं भारत के लिए अच्छा करने के लिए पूरी कोशिश कर रही हूँ. सारा देश मेरा समर्थन कर रहा है, तो मैं भी चाहती हूँ कि देश के लिए अच्छा करूँ."

इन सब दबावों के बीच मेरी कॉम अपनी दिनचर्या नहीं भूलती. सुबह साढ़े छह बजे से ही प्रैक्टिस में लग जाती है. खाने-पीने पर खास ध्यान दिया जा रहा है और वे परहेज भी जम कर कर रही हैं.

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