फोर्स इंडिया को लगा लाखों पाउंड का झटका

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ब्रिटेन में एक हाई कोर्ट ने भारतीय उद्योगपति विजय माल्या की फॉर्मूला वन टीम फोर्स इंडिया को केटरहैम टीम और उसके मुख्य तकनीकी अधिकारी माइक गैस्कोयन को साढ़े छह लाख पाउंड यानी करीब पांच करोड़ 20 लाख रूपए कानूनी खर्च के तौर पर देने का आदेश दिया है.

ये रकम उन सात लाख पाउंड के अलावा है, जो फोर्स इंडिया को रेस कार डिजाइन करने वाली इतालवी कंपनी ऐरोलैब को इसी मामले में मार्च में बतौर फीस देनी पड़ी थी.

अदालत ने ये आदेश फोर्स इंडिया, ऐरोलैब और केटरहैम से जुडे एक बौद्धिक संपदा मामले में दिया है. फोर्स इंडिया को केटरहैम को साढ़े छह लाख पाउंड 14 दिन के भीतर अदा करना है.

ये मामला तब उठा जब ऐरोलैब ने फोर्स इंडिया से बकाया फीस के बारे में पूछताछ की, जिसके बाद फोर्स इंडिया ने ऐरोलैब और टीम लोटस पर गोपनीय जानकारी के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया. टीम लोटस अब केटरहैम के नाम से जानी जाती है.

मामला

इससे पहले मार्च में एक मामले के फैसले में फोर्स इंडिया को उसकी बौद्धिक संपदा के इस्तेमाल के लिए 20 हजार नौ सौ पाउंड दिया गया था.

जज का कहना था कि 2010 में टीम लोटस के फॉर्मूला वन सर्किट में पर्दापण के समय अपनी कार के विकास को तेजी देनी के लिए उसने फोर्स इंडिया की बौद्धिक संपदा का ‘शॉर्टकट’ की तरह इस्तेमाल किया था.

लेकिन जज ने फोर्स इंडिया के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उसके डिजाइनों की ‘व्यवस्थित तरीके से नकल’ की गई है. दावा खारिज करते हुए जज का कहना था कि फोर्स इंडिया ये दावा साबित करने के आस-पास भी नहीं पहुंच पाई थी.

शुक्रवार को मामले में हुए खर्चे के बारे में फैसला देते हुए जज ने केटरहैम के माइक गैस्कोयन को ‘फुल इनडैमनिटी बेसिस’ यानी पूरी क्षतिपूर्ति के आधार पर नवंबर 2011 से अब तक खर्चा देने का फैसला सुनाया.

गैस्कोयन के वकीलों ने नवंबर 2011 में फोर्स इंडिया के वकीलों को सुलह करने के लिए लिखा था. इससे पहले गैस्कोयन को सामान्य आधार पर खर्चा देने का फैसला हुआ था. केटरहैम की मालिक कंपनी 1 एमआरटी को भी इसी आधार पर खर्चा दिया गया था.

इस फैसले के बाद, मामले को अदालत में ले जाने में, अपने खर्चों के अलावा फोर्स इंडिया का साढ़े तेरह लाख पाउंड का खर्चा हुआ है.

जज ने फोर्स इंडिया के इस दावे को खारिज कर दिया कि 1 एमआरटी को दिया गया हर्जाना कम करना चाहिए क्योंकि वह कंपनी बौद्धिक संपदा के हनन की दोषी पाई गई थी.

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