उम्मीदों के कारण नींद हराम होती है सचिन की

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Image caption सचिन को पिछले दिनों राज्यसभा में नामांकित किया गया है.

महाशतक और क्रिकेट जगत में अनगिनत कीर्तिमान स्थापित कर चुके मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अब भी अपना स्तर बनाए रखने और अपनी उम्मीदों पर खरा उतरने की चाह में रातों की नींदे हराम करते हैं.

टाइम पत्रिका को दिए इंटरव्यू में सचिन का कहना है कि खेल के लिए उनकी बेचैनी ही उनकी सफलता का कारण है.

टाइम पत्रिका को दिए एक साक्षात्कार में सचिन ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मेरी जिंदगी में कोई ऐसा एक दिन आया होगा जब मैने सोचा हो कि मेरे पर कुछ जिम्मेदारियां है और मेरे से इस बारे में उम्मीदें रखी जाती है.”

उन्होंने टाइम से कहा, “ मेरी नींद ये सोचकर हराम होती है कि मैं अपना स्तर कैसे बनाए रखूं और अपनी ही उम्मीदों पर कैसे खरा उतरूं.”

सचिन ने आगे कहा, “अपने प्रदर्शन को लेकर मुझमें जो बेचैनी होती है, उसी की वजह से मै अपने को साबित कर पाता हूं, ये एक अच्छी बात है.”

हालांकि सचिन तेंदुलकर का कहना है कि वो अपने भविष्य के बारे में ज्यादा सोचने से बचते है.

उन्होंने कहा, “मै अपने प्रदर्शन की योजना एक-एक मैच के अनुसार बनाता हूं. बहुत आगे की नहीं सोचता, मैने वो कभी नहीं किया. मै मैच दर मैच, कदम दर कदम सफलता पाने के लिए काम करता हूं.”

अमरीकी पत्रिका टाइम में सचिन का साक्षात्कार इस सप्ताह के अंक में प्रकाशित किया जाएगा.

इससे पहले साल 2010 में सचिन तेदुलकर को टाइम के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया गया था.

सचिन का कहना है कि अपने करियर की शुरूआत में वो रातों को बेचैनी में करवटें बदलते रहते थे.

उन्होंने कहा, “मुझे अब पता चला है कि ये ऐसा होना सामान्य है, इसलिए अब मै उठकर टीवी देखने लगता हूं या कोई और काम करने लगता हूं.”

दुनिया के महानतम क्रिकेटरों में शामिल तेंदुलकर ने अपने करियर में कई रिकार्ड बनाए है. वो एकमात्र क्रिकेटर हैं जिन्होंने 100 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाए हैं.

उन्हें पिछले महीने राज्यसभा के लिए नामांकित किया गया है.

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