हॉकी टीम पदक जीत ले तो बड़ी बात: हरबिंदर

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Image caption क्वालिफाइंग राउंड में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन किया था

पूर्व हॉकी खिलाड़ी और वर्ष 1964, 1968 और 1972 में भारतीय हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले हरबिंदर सिंह का कहना है कि लंदन ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम छठे स्थान पर भी आ जाए, तो बड़ी बात होगी और अगर कोई पदक जीत जाए, तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता.

भारतीय हॉकी टीम ने 1964 में स्वर्ण पदक जीता था, तो 1968 और 1972 में कांस्य पदक जीता था.

बीबीसी के साथ एक विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने क्वालिफाइंग राउंड में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन इस बार ओलंपिक में हॉकी ब्लू टर्फ और पिंक बॉल से खेली जाएगी.

हाल ही में लंदन में भारत ने एक टेस्ट इवेन्ट में हिस्सा लिया. भारतीय टीम इस प्रतियोगिता में एक भी मैच नहीं जीत पाई. क्योंकि ये प्रतियोगिता भी ब्लू टर्फ पर खेली गई.

टकराव

हरबिंदर सिंह कहते हैं, "इस प्रतियोगिता की तीनों टीमें भारत से रैंकिंग में आगे थी. भारतीय टीम प्रबंधन ने टीम की कमजोरियों को समझ लिया है और उम्मीद है कि आगे टीम अच्छा खेलेगी."

पिछले चार साल में हॉकी की तैयारियों के जवाब में हरबिंदर सिंह कहते हैं कि हॉकी इंडिया और भारतीय हॉकी फेडरेशन के टकराव के कारण तैयारियों पर असर पड़ा है.

उन्होंने बताया, "हॉकी इंडिया और भारतीय हॉकी फेडरेशन के बीच टकराव के कारण ओलंपिक की असली तैयारी दो साल पहले शुरू हुई, जब हॉकी इंडिया ने पूरी तरह कार्यभार संभाला. लेकिन टकराव इसका असर तो पड़ा ही है."

उन्होंने कहा कि ये मामला अब भी अदालत में है. लेकिन उम्मीद है कि मिल-बैठकर कोई न कोई रास्ता निकल जाएगा.

हरबिंदर सिंह ने कहा कि ऑस्ट्रेलियन कोच नॉब्स के कारण भी टीम ज्यादा फिट नजर आ रही है. उन्होंने नॉब्स की काफी सराहना की और कहा कि उन्होंने हर खिलाड़ी का एक डेटाबेस तैयार किया है.

हरबिंदर सिंह ने कहा कि शारीरिक क्षमता के मामले में इस बार भारतीय टीम को कोई पछाड़ नहीं पाएगा.

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