नाइट रायडर्स के सर सजा आईपीएल का ताज

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चेन्नई सुपर किंग्स ने ये नहीं सोचा होगा कि पहले तो 190 रनों का स्कोर खड़ा करने और फिर कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान गौतम गंभीर को सस्ते में निपटाने के बाद भी नतीजा उनके खिलाफ जाएगा.

लेकिन ट्वेन्टी-20 क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है. रोमांच की नई गाथा लिखने वाले आईपीएल-5 का फाइनल भी फाइनल जैसा ही था.

कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत का जश्न- तस्वीरों में

धमाकेदार, रोमांचक, उतार-चढ़ाव, बल्ले का जोर, फील्डिंग का जलवा और गेंद का कमाल.

लेकिन आखिरकार जीत मिली कोलकाता नाइट राइडर्स को. जिनके लिए फाइनल के हीरो साबित हुए मनविंदर बिसला, जिन्होंने टीम में अपने चयन को सही साबित करते हुए चौकों-छक्कों की बरसात की और टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.

पारी

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Image caption शानदार पारी के लिए बिसला को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला

जाक कैलिस ने एक बार फिर दिखाया कि उन्हें दुनिया का सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर ऐसे ही नहीं माना जाता. पहले तो धैर्य से पारी जमाई, फिर की धुनाई और टीम को जीत के करीब पहुँचा दिया.

कैलिस के आउट होने के बाद लगा कि मैच में चेन्नई की टीम वापसी कर सकती है. हिल्फेनहाउस का 19वाँ ओवर मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ. कैलिस आउट हुए और पाँच गेंद तक किफायती साबित हुए हिल्फेनहाउस का एक नो बॉल चेन्नई को भारी पड़ा.

आखिरी ओवर में कोलकाता को जीत के लिए नौ रन बनाने थे. मनोज तिवारी ने तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार चौके लगाकर अपनी टीम को पहली बार आईपीएल का खिताब जितवा दिया.

कप्तान गौतम गंभीर के सिर्फ दो रन बनाकर आउट होने के बाद मनविंदर बिसला और जाक कैलिस ने बेहतरीन पारी खेली. फाइनल मैच के दबाव में आए बिना दोनों ने चेन्नई के शीर्ष गेंदबाजों की जमकर धुनाई की.

धुनाई

एल्बी मॉर्केल, ड्वेन ब्रैवो और आर अश्विन बिल्कुल नहीं चल पा रहे थे. बिसला ने खास तौर पर आक्रामक बल्लेबाजी की और सिर्फ 48 गेंदों पर आठ चौके पर पाँच छक्कों की मदद से 89 रन बनाए.

बिसला के आउट होने के बाद लक्ष्मीरतन शुक्ला और यूसुफ पठान भी जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट गए. लेकिन जाक कैलिस दूसरे छोर से डटे रहे और आवश्यक रन गति बनाए रखी. कैलिस 19वें ओवर में 69 रन बनाकर आउट हुए. इसके बाद मनोज तिवारी ने अपनी टीम ने जीत दिलवा दी.

इससे पहले चेन्नई सुपर किंग्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स के सामने 191 रनों का लक्ष्य रखा था.

सुरेश रैना, माइकल हसी और मुरली विजय की धमाकेदार पारी की बदौलत चेन्नई ने 20 ओवरों में तीन विकेट पर 190 रन बनाए थे.

रैना ने सिर्फ 38 गेंदों पर तीन चौके और पाँच छक्कों की मदद से 73 रन बनाए.

मैच

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Image caption मुरली विजय और माइकल हसी ने शानदार शुरुआत की

चेन्नई में हुए इस फाइनल मैच में चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया.

इस बार मुरली विजय और माइकल हसी ने थोड़ी धीमी शुरुआत की, लेकिन जल्द ही वे रंग में दिखने लगे. दोनों ने अच्छी साझेदारी की और तेजी से रन बटोरे.

मुरली विजय सिर्फ 32 गेंदों पर 42 रन बनाकर आउट हुए. रजत भाटिया की गेंद पर साकिब अल हसन ने उनका शानदार कैच लपका.

इसके बाद माइकल हसी और सुरेश सैना ने बेहतरीन साझेदारी की. सुरेश रैना कुछ ज्यादा ही आक्रामक थे.

माइकल हसी ने शानदार अर्धशतक पूरा किया.

लेकिन 18वें ओवर में जाक कैलिस ने उन्हें बोल्ड कर दिया. हसी ने 43 गेंदों पर 54 रनों की पारी खेली. दूसरे विकेट के लिए रैना और हसी ने 73 रनों की साझेदारी की.

इसके बाद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आए और रैना के साथ स्कोर को 190 तक ले गए. मैच की आखिरी गेंद पर रैना 73 रन बनाकर आउट हुए. धोनी 14 रनों पर नाबाद रहे.

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