कैंपबेल की सलाह: न जाएँ पोलैंड-यूक्रेन

Image caption उक्रेन में फुटबाल मैच के दौरान खिलाड़ियो को नाजी सैल्यूट करते खेल प्रेमी

इंगलैंड के पूर्व कप्तान सोल कैंपबेल ने पोलैंड और यूक्रेन को यूरो 2012 की मेजबानी दिए जाने का विरोध किया है.

उन्होंने कहा है कि इन दोनों देशों में रंगभेद और हिंसा का बोलबाला है.

बीबीसी के पैनोरमा में उन्होंने फुटबाल प्रेमियों को अपनी सलाह में कहा, “घर पर रहो, यूरो 2012 टीवी पर ही देखो. कोई जोखिम मत लो क्योंकि आपकी वापसी ताबूत में भी हो सकती है.”

यूरोप में फुटबाल चलाने वाली संस्था यूएफा ने अपने बयान में तर्क दिया था कि दोनों देशों को टूर्नामेंट की मेजबानी देने का मकसद उन्हें रंगभेद जैसी कई सामाजिक समस्याओं से निपटने का मौका देना था. इन दोनों मुल्कों के लिए अपनी छवि सुधारने का यह बड़ा मौका है.

पैनोरमा ने पोलैंड और यूक्रेन में कई मैचों को अपने कैमरे में उतारा. इनमें नाजी सैल्यूट से लेकर, मंकी चैट, नफरत फैलाने वाले नारे और एशियाई छात्रों पर हमले तक सब कुछ कैद हुआ था.

जीरो टॉलरेंस

पैनोरमा पर कार्यक्रम को देखने के बाद कैंपबेल ने कहा कि यूएफा को यह मेजबानी पहली नजर में इन देशों को नहीं देनी चाहिए थी.

कैंपबेल ने कहा, “मेरा मानना है कि यूएफा का तर्क गलत है. क्योंकि उसे इन दोनों देशों को कहना चाहिए था कि अगर आपको यह टूर्नामेंट चाहिए तो आपको अपनी समस्याएं निपटानी होंगी. जब तक हमें सुधार नहीं दिखाई देगा, आप इस टूर्नामेंट के आयोजन के हकदार नहीं हैं. ”

अपने बयान में यूएफा ने कहा था, “रंगभेद को लेकर यूएफा की नीति में मैदान के अंदर और बाहर कोई बदलाव नहीं है. रंगभेद की कोई भी घटना होने की स्थिति में मैच को रोकने या उसे रद्द करने का अधिकार रेफरी के पास है.”

यूएफा ने कहा है कि टीमों व उनके समर्थकों की सुरक्षा को लेकर पोलैंड और यूक्रेन के साथ काम चल रहा है.

हालांकि इन सभी आश्वासनों के बावजूद ऐसी खबरें हैं कि रंगभेदी हमलों की आशंकाओं को देखते हुए इंगलैंड के दो खिलाड़ियों थियो वाल्कोट और एलेक्स आक्सलेड चैंबरलेन के परिवार यूरो 2012 से दूर रहेंगे.

यूएफा ने कहा है कि बीबीसी ने रंगभेद को लेकर जिन मैचों का प्रसारण किया है वे घरेलू थे और राष्ट्रीय संघ का मसला था.

14 अप्रैल को यूक्रेन के शहर खारकीव के मेटालिस्ट स्टेडियम में देश की दो बड़ी टीमों के बीच मैच हुआ था. इसमें करीब दो हजार फैंस ने दोनों टीमों को नाजी सैल्यूट मारा.

यूरो 2012 के मैच खारकीव में भी होने हैं.

हालांकि स्थानीय पुलिस प्रमुख कर्नल वोलोदेमैर कोवरेजिन ने इसे नाजी सैल्यूट मानने से इनकार कर दिया था.