लंदन ओलंपिक: सभी पदक विजेताओं का डोप टेस्ट

लंदन ओलंपिक के दौरान ओलंपिक के इतिहास का सबसे बड़े एंटी डोपिंग अभियान चलाया जाएगा.

माना जा रहा है कि आधे प्रतियोगियों का ड्रग टेस्ट होगा. इस काम में 150 से ज्यादा वैज्ञानिक लगाए गए हैं, जो पैरालिंपिक्स गेम्स की समाप्ति तक छह हजार सैंपल लेंगे.

जो भी खिलाड़ी पदक जीतेगा, उसका डोप टेस्ट किया जाएगा.

ग्रेट ब्रिटेन टीम के फिलिप्स इडोवु, बेथ ट्विडेल, डेविड वेयर, ग्राहम एडमंड्स और मर्लॉन डेवोनिश एंटी डोपिंग कार्यक्रम को लेकर एक अभियान चला रहे हैं.

एथलीट डेवोनिश ने वर्ष 2004 के एथेंस ओलंपिक में 4 गुणा 100 मीटर रिले दौड़ में स्वर्ण पदक जीता था.

उन्होंने बताया, "ओलंपिक में पदक जीतना दुनिया का सर्वश्रेष्ठ अनुभव है. एक एथलीट के रूप में ये जानना काफी अहम है कि पोडियम पर खड़ा होने वाला शख्स अपनी निष्ठा और मेहनत से वहाँ तक पहुँचा है न कि डोपिंग की बदौलत."

ग्रेट ब्रिटेन के धावक ड्वेन चैम्बर्स और साइकिलिस्ट डेविड मिलर लंदन ओलंपिक में शामिल होंगे क्योंकि ड्रग टेस्ट में दोषी पाए गए खिलाड़ियों पर आजीवन पाबंदी की ब्रिटिश ओलंपिक एसोसिएशन की नीति को अदालत ने पलट दिया था.

लंदन ओलंपिक की एंटी डोपिंग प्रयोगशाला में एक हजार से ज्यादा लोग काम करेंगे और हर दिन 400 से ज्यादा सैंपल की जाँच होगी. इस क्रम में 240 प्रतिबंधित दवाओं की जाँच होगी.

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