लंदन 2012: बिजली सी गति वाले बोल्ट

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जमैका के उसैन बोल्ट के बारे में क्या कहा जाए और क्या पढ़ा जाए?

सवाल सबके मन में उठते हैं, लेकिन बोल्ट पर जवाब मिलते हैं तो उनका मुकाबला सिर्फ रफ़्तार ही कर सकती है. बीबीसी संवाददाता लियोन मैन ने जमैका से यही बात लिखी है.

बीजिंग ओलंपिक खेल, 2008. उसैन बोल्ट नामक आंधी ने जैसे दूसरे पदक विजेताओं की नींद ही उड़ा दी थी. बोल्ट ने बीजिंग ओलंपिक में 100 मीटर, 200 मीटर और 4 गुणा 100 मीटर की रेस जीती थी.

1986 में जमैका में जन्मे उसैन बोल्ट पर लंदन ओलंपिक के दौरान सभी की निगाहें रहेंगी. रहे भी क्यों न! दुनिया में सबसे तेज़ दौड़ने वाले धावक जो हैं बोल्ट.

लेकिन और क्या है उसैन बोल्ट में जो उन्हें ख़ास बनाता है?

सबसे ज्यादा अहम है उसैन बोल्ट का संयम. जी हाँ, उसैन बोल्ट ने जिस तरह से अपनी लोकप्रियता और अपने निजी जीवन में संतुलन बनाकर रखा है वो वाकई में काबिले तारीफ ही है. जो शब्द ज़हन में आता है वो है परिपक्वता.

हालांकि उसैन बोल्ट की इमेज मौज-मस्ती करने वाले एक युवा की है जो गाता भी है और बजाता भी है और डांस भी करता है.

लेकिन बीजिंग ओलंपिक के बाद बोल्ट ने कुछ बेहद समझदारी वाले निर्णय भी लिए हैं जिन्हें बहुत कम लोग जानते हैं.

इनमे शायद सबसे महत्त्वपूर्ण यही रहा कि उन्होंने अभी तक किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय मार्केटिंग और मैनेजमेंट कंपनी के साथ अपने कारोबार को बढ़ाने का करार नहीं किया.

बल्कि उन्होंने अभी तक अपने इर्द-गिर्द वही दोस्त और परिवार वाले रखे हैं जो उनके मुश्किल भरे समय में - जब वे चोटों से जूझ रहे थे और खाराब फॉर्म से गुज़र रहे थे- उनके लिए खड़े रहे.

आज भी उसैन के सबसे नजदीकी दोस्त वहीं हैं जो उनके साथ स्कूल में थे. नुजेंट वाल्कर और उनके भाई सडिकी बोल्ट!

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Image caption उनके पिता वेलेस्ली बोल्ट आज भी अपनी राशन की दुकान पर मछली और सब्जियां बेचते हैं.

उसैन के प्रबंधक और कोच रह चुके नॉर्मन पियर्स आज भी हर रेस के पहले ध्यान रखते हैं कि उनकी तैयारी पूरी रहे.

गाँव और परिवार

रही बात उसैन के इलाके की, तो जब से उन्होंने दुनिया भर में नाम कमाना शुरू किया है तब से उनके गाँव शेरवुड कंटेंट का तो जैसे नक्शा बदलता गया है.

सडकें मरम्मत हुई लगती हैं, पीने के पानी अब एक नियामत नहीं समझा जाता और यह गाँव अब दुनिया भर में जमैका पर्यटन वाले बिलबोर्ड्स पर अपनी जगह बना चुका है.

उसैन बोल्ट के माता-पिता से मिलने पर पता ही नहीं चलता कि उनके बेटे को विश्व भर में पहचाना और जाना जाता है.

उनके पिता वेलेस्ली बोल्ट आज भी अपनी राशन की दुकान पर मछली और सब्जियां बेचते हैं और उसैन के लाख मना करने के बाद भी उन्हें यही काम पसंद है.

इसलिए अगली बार आप जब भी उसैन बोल्ट को कहीं डांस करते या मस्ती में देखें तो यह कतई मत समझिए कि असली उसैन बोल्ट भी वैसे ही हैं.

क्योंकि उसैन बोल्ट जैसा दिखते हैं वह दरअसल उससे बहुत भिन्न हैं.

रहा सवाल अगली रेस का, तो हमेशा की तरह उसैन बोल्ट लंदन ओलंपिक में भी ट्रैक पर अपना पहले का रिकार्ड तोड़ने के लिए ही उतरेंगे.

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