अश्विनी पोन्नपा को मां की नसीहत, 'देश के लिए खेलना'

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Image caption कावेरी पोन्नपा ने अपनी बेटी और डबल्स में ज्वाला गुट्टा की जोड़ीदार अश्वनी (बांए) को ओलंपिक में खुद से आगे देश को रखने की सलाह दी है.

बैडमिंटन खिलाड़ी अश्वनी पोन्नपा छोटी उम्र में काफी शरारती थीं. एक दिन मां कावेरी ने उन्हें व्यस्त रखने के लिए बैडमिंटन रैकेट थमा दिया. यह अश्वनी की राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बनने के यात्रा की शुरुआत थी.

अब उनकी बेटी ओलंपिक खेलने जा रही है. कावेरी पोन्नपा ने अपनी बेटी अश्वनी को खुद से आगे देश को रखने की सलाह दी है.

कावेरी पोन्नपा ने बीबीसी के साथ बातचीत में कहा, “मेरा अश्वनी से यही कहना है कि वह खुद के लिए नहीं बल्कि देश के लिए खेले. उसे अपना श्रेष्ठ खेलना चाहिए. हालांकि मुझे अंदाजा नहीं है कि अगर मेरी बेटी ओलंपिक में मेडल जीतती है तो मेरी प्रतिक्रिया क्या रहेगी. यकीनन वह हम सब के लिए बहुत बड़ा पल होगा. ”

ओलंपिक का असर

ओलंपिक अभी शुरु होना है लेकिन पोन्नपा परिवार में विश्व खेलों के महाकुंभ का असर अभी से दिखाई देने लगा है.

कावेरी ने बताया, “ इन दिनों सारा दिन ओलंपिक के बारे में ही बात होती है. लेकिन हम खेल के बारे में ज्यादा बात नहीं कर रहे क्योंकि हम नहीं चाहते कि अश्वनी पर किसी तरह के दबाव में आ जाए. ”

बचपन में किसी ने सोचा नहीं था कि अश्वनी ओलंपिक में खेलेगी. लेकिन उसके कोचों ने कहा था कि इस लड़की में उच्च स्तर पर खेलने का दम है.

अश्वनी और ज्वाला गुट्टा ने महिलाओं की डबल्स स्पर्धा के लिए क्वॉलिफाई किया है.

अश्वनी का स्वभाव

मां कावेरी का कहना है कि अश्वनी काफी शांत स्वभाव की है और कितना भी कोई भड़काने की कोशिश करे, वह शांत रहती हैं। इस खेल ने उन्हें काफी बदला है.

कावेरी ने बताया, “अश्वनी एक अच्छी धाविका भी रह चुकी है. 100 मीटर व लोंग जंप में वह काफी अच्छी थी. लेकिन हमने सोचा कि सब खेलों में डालने से बैडमिंटन पर असर पडे़गा. इसलिए उसे इन खेलों से हटा लिया गया. ”

कावेरी बताती हैं कि अश्वनी हैल्दी फूड पर अधिक ध्यान देती हैं. हालांकि उन्हें डोसा और दही-चावल काफी पसंद है.

कावेरी ने बताया, “अश्वनी ने काफी उतार-चढ़ाव देखे हैं. लेकिन कभी चयन को लेकर वह दुखी नहीं हुई. लेकिन किसी बड़े टूर्नामेंट में हार से वह हमेशा दुखी होती थी.”

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